
चांदी की कीमत में वीकली बेसिस पर लगातार शानदार तेजी आ रही है। बीते सप्ताह में भाव 5000 रुपये बढ़ा है। 17 मई की सुबह चांदी का भाव 280000 रुपये प्रति किलोग्राम है। इस साल जनवरी महीने में देश में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये के आंकड़े को क्रॉस कर गई थी। शुक्रवार, 15 मई को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत 21,600 रुपये या 7.3 प्रतिशत टूटकर 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इसके पीछे वजह रही मजबूत डॉलर और निवेशकों की ओर से भारी मुनाफावसूली।
कीमती धातुओं की कीमतों में पिछले कुछ सत्रों के दौरान तेज बढ़त देखी गई। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की। इसके अलावा अमेरिका-ईरान के बीच सुलह न हो पाने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर कोई सकारात्मक संकेत न होने से महंगाई बढ़ने का डर और बढ़ गया है। कच्चे तेल और गैस की सप्लाई में रुकावट महंगाई बढ़ने का कारण बनेगी। ऐसे में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी का भाव 78.21 डॉलर प्रति औंस पर है।
17 मई को चांदी का भाव
| शहर | एक किलोग्राम चांदी का भाव (₹) |
| दिल्ली | 280000 |
| मुंबई | 280000 |
| अहमदाबाद | 280000 |
| चेन्नई | 290000 |
| कोलकाता | 280000 |
| हैदराबाद | 280000 |
| जयपुर | 280000 |
| भोपाल | 280000 |
| लखनऊ | 280000 |
| तिरुवनंतपुरम | 290000 |
सरकार ने चांदी आयात को 'मुक्त' से 'प्रतिबंधित' कैटेगरी में डाला
सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात पर अंकुश लगाते हुए इसे प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का निर्णय किया। इसके तहत चांदी के आयात को अब लाइसेंस प्रणाली के तहत लाया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि सोने और प्लैटिनम के साथ मिलाई जाने वाली चांदी सहित चांदी की आयात नीति को तत्काल प्रभाव से मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है। प्रतिबंधित श्रेणी के तहत आने वाली चीजों के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की जरूरत होती है।
आयात प्रतिबंध 100 प्रतिशत एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स (EOU) और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इकाइयों से आयात पर लागू नहीं होंगे। पर इसके लिए शर्त है कि ऐसे आयातित सामान घरेलू बाजार में न बेचे जाएं। EOU एक सरकारी मान्यता प्राप्त दर्जा है, जो उन कारोबारों को दिया जाता है जो अपने सभी सामानों और सेवाओं के उत्पादन का निर्यात करते हैं।
इससे पहले सरकार ने 13 मई को सोना और चांदी पर आयात शुल्क यानि कि इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी। 3 प्रतिशत IGST सहित प्रभावी शुल्क अब 18 प्रतिशत से अधिक है। यह वृद्धि गैर-जरूरी आयातों पर अंकुश लगाकर विदेशी मुद्रा की निकासी को नियंत्रित करने के लिए की गई।
अप्रैल में चांदी का आयात दोगुने से अधिक बढ़ा
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल माह में चांदी का आयात दोगुने से अधिक बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 में, आयात लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मात्रा के हिसाब से वित्त वर्ष 2026 में यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा।
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