पिछले 5 साल में बढ़ा स्मॉलकैप फंड का कारोबार, जानिए इसमें निवेश के क्या हैं फायदें

स्मॉलकैप फंड में निवेश के फायदे पर बात करते हुए फिरोज अजीज ने कहा कि स्मॉलकैप फंड में छोटी कंपनियां शामिल होती है।छोटी कंपनियां के तेजी से बढ़ने की उम्मीद रहती है। स्मॉलकैप कंपनियां आगे मल्टीबैगर बन सकती है। स्मॉलकैप से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद रहती है

अपडेटेड Mar 04, 2023 पर 10:28 AM
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स्मॉलकैप फंड में निवेश के जहां फायदे है वहीं इसमें कुछ जोखिम भी है। स्मॉलकैप में कभी-कभी जोखिम ज्यादा भी होता है।

जिंदगी के हर कदम पर पैसों की जरूरत के लिए किस तरह प्लानिंग करें? ये सवाल हमेशा सभी के जहन में होता है । अगर आप रिस्क लेने से पीछे नहीं हटते तो स्मॉल कैप फंड्स आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है। वहीं इक्विटी म्युचुअल फंड की बात आती है तो मार्केट कैप के लिहाज से स्मॉल कैप फंड में बेहतरीन रिटर्न देने की क्षमता होती है। स्मॉलकैप फंड में निवेश के फंडे को समझाते हुए सीएनसीबीसी-आवाज के खास शो योर मनी में AnandRathi Wealth Limited के Deputy CEO फिरोज अजीज़ ने कहा कि पिछले 5 साल में स्मॉलकैप फंड का कारोबार बढ़ा है। स्मॉलकैप यूनिवर्स 8580 करोड़ रुपये से बढ़कर 16400 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। स्मॉलकैप यूनिवर्स के बढ़ने स्मॉलकैप फंड में जोखिम कम हुआ है।

फिरोज अजीज ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि स्मॉलकैप का प्रदर्शन लार्जकैप से अच्छा रहा है। हालांकि अभी स्मॉलकैप का प्रदर्शन लार्जकैप से 4% कम है और यही सही समय है जब स्मॉलकैप में एक्सपोजर बढ़ाया जाए।

स्मॉलकैप फंड के फ्यूचर रिटर्न पर बात करते हुए फिरोज अजीज ने कहा कि स्मॉलकैप का रिटर्न लॉर्जकैप से 6 फीसदी अधिका है। वहीं मिडकैप की तुलना में स्मॉलकैप फंड का रिटर्न 8 फीसदी ज्यादा है।


स्मॉलकैप में निवेश के फायदे

स्मॉलकैप फंड में निवेश के फायदे पर बात करते हुए फिरोज अजीज ने कहा कि स्मॉलकैप फंड में छोटी कंपनियां शामिल होती है।छोटी कंपनियां के तेजी से बढ़ने की उम्मीद रहती है। स्मॉलकैप कंपनियां आगे मल्टीबैगर बन सकती है। स्मॉलकैप से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि अन्य फंड के मुकाबले स्मॉलकैप फंड में ज्यादा रिटर्न की संभावना है।

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स्मॉलकैप में जोखिम

स्मॉलकैप फंड में निवेश के जहां फायदे है वहीं इसमें कुछ जोखिम भी है। स्मॉलकैप में कभी-कभी जोखिम ज्यादा भी होता है। ऐसे में आपको इस फंड में निवेश करने से पहले से उस फंड के पिछले रिटर्न को देखकर निवेश की रणनीति बनाना यह सही नहीं है। क्योंकि स्मॉलकैप में शामिल कंपनियों में समय -समय पर बड़े बदलाव होते हैं। स्मॉलकैप कंपनियां मि़ड कैप में शामिल हो सकती हैं।

जानिए क्‍या हैं स्मॉलकैप फंड्स?

स्मॉलकैप फंड्स दरअसल हाई रिस्‍क इन्‍वेस्‍टमेंट ऑप्‍शन हैं। आमतौर पर स्मॉलकैप म्‍यूचुअल फंड्स उन कंपनियों के स्‍टॉक्‍स में निवेश करते हैं, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 हजार करोड़ से कम रहता है। मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी के मुताबिक स्मॉलकैप फंड्स में कम से कम 65 फीसदी एसेट अलोकेशन स्मॉलकैप स्‍टॉक्‍स में करना जरूरी होता है। जहां तक इन फंड्स पर टैक्‍स लायबिलिटी की बात है, तो 1 साल से कम समय तक यूनिट रखने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्‍स टैक्‍स और एक साल से ज्‍यादा समय तक यूनिट रखने पर लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन लगता है। हालांकि, अगर एक फाइनेंशियल ईयर में कैपिटल गेन एक लाख से कम है, तो इस पर टैक्‍स लायबिलिटी नहीं बनती है।

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