ITR Filing Deadline Extended: इनकम टैक्स का रिटर्न समय पर फाइल करना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं होने पर कानूनी दिक्कतों से जूझना पड़ता है। अब सरकार ने कॉरपोरेट को बड़ी राहत दी है और उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा 15 दिन बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी। यह जानकारी इनकम टैक्स विभाग ने दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने शनिवार को कॉरपोरेट्स के लिए वित्त वर्ष (FY) 2023-24 यानी एसेटमेंट वर्ष (AY) 2024-25 के लिए आईटीआर फाइल करने करने की समयसीमा बढ़ा दी। इस साल कॉरपोरेट्स 31 अक्टूबर की बजाय 15 नवंबर तक फाइल कर सकते हैं।
इससे पहले बढ़ाई गई थी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की डेडलाइन
आईटीआर फाइलिंग में यह विस्तार इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के सेक्शन 139 के सब सेक्शन(1) के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स पर लागू होगा। इससे पहले सरकार ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा को 30 सितंबर 2024 की शुरुआती समयसीमा से बढ़ाकर 7 अक्टूबर 2024 कर दिया था। इनकम टैक्स कानून के तहत कुछ टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स ऑडिट करवाना होता है और इसकी रिपोर्ट एसेसमेंट वर्ष में 30 सितंबर तक दाखिल करनी होती है।
इन्हें नहीं मिलेगा डेडलाइन एक्सटेंशन का फायदा
नांगिया एंडरसन के टैक्स पार्टनर संदीप झुनझुनवाला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि जिनके लिए ट्रांसफर प्राइसिंग प्रोविजन्स और ऑडिट लागू होगा, उनके लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन आगे नहीं खिसकाई गई है। सेक्शन 44एबी के तहत टैक्स ऑडिट और सेक्शन 92सीई के तहत ट्रांसफर प्राइसिंग के मामले में एक्सटेंशन नहीं मिलेगा और टैक्सपेयर्स को 31 अक्टूबर तक आईटीआर फाइल करना होगा। संदीप झुनझुनवाला के मुताबिक इस डेडलाइन को इसलिए बढ़ाया गया है ताकि कॉरपोरेट्स को और अधिक समय मिल सके और वे आसानी से आईटीआर फाइल कर सकें। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन का कहना है कि डेडलाइन बढ़ाने की कोई आधिकारिक वजह तो नहीं बताई गई है लेकिन इसकी एक वजह फेस्टिव सीजन हो सकती है ताकि फेस्टिव सीजन के दौरान आईटीआर फाइल करने की दिक्कत से न जूझना पड़े।