TCS पेमेंट की वजह से पैसे की कमी का सामना कर रहे हैं? एंप्लॉयर कर सकता है आपकी मदद

कई तरह के पेमेंट या इनकम पर TCS या TDS लागू होता है। अभी टैक्सपेयर्स को इस रिफंड का क्लेम इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त करना होता है। इस बीच यह पैसा फंसा रह जाता है। अब यह प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी। इसके लिए एंप्लॉयी को फॉर्म 12बीएए भरकर अपने एंप्लॉयर को सब्मिट करना होगा

अपडेटेड Oct 18, 2024 पर 4:57 PM
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अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एंप्लॉयर को एंप्लॉयी के काटे गए टीडीएस या टीसीएस को एडजस्ट करने की इजाजत दे दी है।

क्या विदेश यात्रा में पेमेंट पर टीसीएस कट जाने से पैसे की कमी का सामना कर रहे हैं? आपका एंप्लॉयर आपकी मदद कर सकता है। दरअसल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 17 अक्टूबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर किसी सैलरीड टैक्सपेयर का टीडीएस या टीसीएस कटा है तो वह अपने एंप्लॉयर को इस बारे में बता सकता है। इसके लिए एंप्लॉयी को एक फॉर्म 12बीएए सब्मिट करना होगा। आइए इस पूरे मामले को आसान शब्दों में समझते हैं।

कई तरह के पेमेंट पर टीसीएस या टीडीएस लागू होता है

कई तरह के पेमेंट या इनकम पर TCS या TDS लागू होता है। उदाहरण के लिए अगर आप विदेश यात्रा के दौरान डेबिट कार्ड या प्रीपेड कार्ड से 7 लाख रुपये से ज्यादा का पेमेंट करते हैं तो उस पर 20 फीसदी टीसीएस लगता है। यह सिर्फ एक उदाहरण है। कई दूसरे पेमेंट और इनकम पर भी टीसीएस या टीडीएस कटता है। अभी टैक्सपेयर्स को इस रिफंड का क्लेम इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त करना होता है। इस बीच यह पैसा फंसा रह जाता है। सैलरीड एंप्लॉयीज की इस प्रॉब्लम को खत्म करने का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल यूनियन बजट में किया था।


अब एंप्लॉयर टीडीएस या टीसीएस को एंप्लॉयी के टैक्स से एडजस्ट कर देगा

अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एंप्लॉयर को एंप्लॉयी के काटे गए टीडीएस या टीसीएस को एडजस्ट करने की इजाजत दे दी है। दरअसल, एंप्लॉयर हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी से टैक्स (TDS) काटते हैं। अब अगर एंप्लॉयी अपने एंप्लॉयर के काटे गए टीसीएस या टीडीएस की जानकारी दे देता है तो एंप्लॉयर को उसे एडजस्ट करना होगा। इसके लिए एंप्लॉयी को फॉर्म 12बीएए सब्मिट करना होगा। इसके बाद एंप्लॉयर इस फॉर्म में दी गई टीसीएस और टीसीएस पेमेंट को एडजस्ट करने के बाद ही सैलरी से टैक्स काटेगा।

अब रिफंड के लिए आईटीआर फाइलिंग का इंतजार नहीं करना होगा

चार्टर्ड क्लब के फाउंडर करण बत्रा ने कहा कि इससे काफी आसानी हो जाएगी। पहले आईटी रिटर्न की फाइलिंग के वक्त हमें पता चलता था कि क्लाइंट ने कार खरीदी है, जिसके पेमेंट पर टीसीएस काटा गया है। इससे रिफंड का क्लेम बढ़ जाता था। अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि एंप्लॉयर को जैसी ही एंप्लॉयी की तरफ से टीसीएस या टीडीएस पेमेंट की जानकारी मिलेगी वह हर महीने काटे जाने वाले टैक्स अमाउंट से उसे एडजस्ट कर देगा। इससे किसी महीने एंप्लॉयी की सैलरी पर टैक्स नहीं कटेगा या कम टैक्स कटेगी। इससे एंप्लॉयी को राहत मिल जाएगी।

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पेरेंट्स नाबालिग बच्चों का टीसीएस भी क्लेम कर सकेंगे

अब मातापिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी टीसीएस क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे। इसके लिए सेक्शन 206सी के सब-सेक्शन (4) में संशोधन किया गया है। इससे ऐसे मातापिता टीसीएस पर क्रेडिट कर सकेंगे, जिनके नाबालिग बच्चों की इनकम उनकी इनकम में क्लब की गई है। इससे टीसीएस का क्रेडिट नाबालिग से मातापिता को हो जाएगा।

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