इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने शुक्रवार को बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के जून मध्य तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Net Direct Tax Collections) 45 फीसदी बढ़कर 3.39 लाख करोड़ रुपये रहा है। विभाग ने बताया कि एडवांस टैक्स कलेक्शन अच्छा रहने से डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में सुधार आया है।
इनकम टैक्स विभाग ने बताया 3.39 लाख करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन में से करीब 1.70 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स (CIT) और पर्सनल इनकम टैक्स (PIT) से आए हैं। वहीं करीब 1.67 लाख करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) के जरिए हुआ है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक बयान में कहा, "वित्त वर्ष 2023 में अभी तक यानी 16 जून 2022 तक के टैक्स कलेक्शन आंकड़े बताते हैं कि नेट कलेक्शन बढ़कर 3,39,225 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 2,33,651 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।"
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एडवांस टैक्स कलेक्शन 1.01 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 75,783 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 33 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसमें करीब 78,842 करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स और 22,175 करोड़ रुपये पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन शामिल है।
बता दें कि एडवांस टैक्स वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले उसी साल हुई इनकम पर जमा किया जाता है। टैक्सपेयर को अपनी टैक्स की देनदारी की गणना करके वित्त वर्ष के दौरान चार किश्तों में टैक्स देना होता है। टैक्सपेयर्स से आम तौर पर एक किश्त में टैक्स जमा करने की उम्मीद नहीं की जाती है। इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 208 के तहत एडवांस टैक्स की देनदारी सैलरी क्लास, प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन, फ्रीलांसर आदि पर बनती है।