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ITR फाइलिंग: एरियर पर लगने वाले टैक्स से बचने के लिए अपनाएं यह तरीका

इनकम टैक्स के सेक्शन 89(1) के तहत सैलरी के एरियर पर टैक्स में छूट का प्रावधान है। यह छूट उन लोगों को उपलब्ध होगी, जिन्हें मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में एरियर मिला है, लेकिन वह एरियर पिछले फाइनेंशियल ईयर का है। यह सेक्शन एरियर पर टैक्स छूट क्लेम करने और साल की कुल इनकम में एरियर या अतिरिक्त पेमेंट को घटाकर टैक्स की गणना करने की सुविधा देता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 26, 2023 पर 3:00 PM
ITR फाइलिंग: एरियर पर लगने वाले टैक्स से बचने के लिए अपनाएं यह तरीका
अगर आप एरियर/एडवांस इनकम पर टैक्स छूट क्लेम करना चाहते हैं, तो आपको 10E फॉर्म भरना होगा।

कभी-कभी एरियर (बकाया रकम) मिलने या अतिरिक्त पेमेंट की वजह से टैक्स लाइबिलिटी बढ़ जाती है। दरअसल, एरियर या अतिरिक्त इनकम को किसी शख्स की मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की कुल इनकम में जोड़ने पर उसका टैक्स भी ज्यादा हो जाता है। ये एरियर सैलरी, पेंशन, रेंट या किसी अन्य आय हो सकते हैं जिसे वास्तव में पहले के वर्षों में मिलना था, लेकिन उसे उस वक्त रोक दिया गया।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी एंप्लॉयी को 2022 में सैलरी का एरियर मिलता है, लेकिन यह एरियर 2021 का है, तो उसे 2022 में एरियर पर ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। ऐसे में अगर एरियर की वजह से टैक्सपेयर की लाइबिलिटी बढ़ जाती है, तो वह इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 89(1) के तहत एरियर पर टैक्स में छूट के लिए क्लेम कर सकते हैं।

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 का सेक्शन 89(1)

सेक्शन 89(1) के तहत सैलरी के एरियर पर टैक्स में छूट का प्रावधान है। यह छूट उन लोगों को उपलब्ध होगी, जिन्हें मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में एरियर मिलता है, लेकिन वह एरियर पिछले फाइनेंशियल ईयर का होता है। यह सेक्शन एरियर पर टैक्स छूट क्लेम करने और साल की कुल इनकम में एरियर या अतिरिक्त पेमेंट को घटाकर टैक्स की गणना करने की सुविधा देता है।

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