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बजट 2022 में करेंट फाइनेंशियल ईयर के लिए भी हटाया गया यह टैक्स डिडक्शन

सेक्शन 14ए के तहत एग्जेम्प्ट इनकम कमाने पर हुए खर्च को बतौर डिडक्शन क्लेम करने की मनाही है। इससे जुड़ा सबसे कॉमन इश्यू इंडियन कंपनीज के शेयर्स में इन्वेस्टमेंट है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 17, 2022 पर 11:19 AM
बजट 2022 में करेंट फाइनेंशियल ईयर के लिए भी हटाया गया यह टैक्स डिडक्शन
टैक्स-एग्जेमप्ट इनकम कमाने के लिए किए गए खर्च का निर्धारण आम तौर पर सबजेक्टिव होता है, क्योंकि सामान्यत: यह इन्वेस्टमेंट फंड के कॉमन पूल से किया गया होगा, जिसमें सामान्य उधार शामिल होगा।

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 का सेक्शन 14ए विवाद का मसला रहा है। इस सेक्शन के तहत एग्जेम्प्ट इनकम कमाने पर हुए खर्च को बतौर डिडक्शन क्लेम करने की मनाही है। इससे जुड़ा सबसे कॉमन इश्यू इंडियन कंपनीज के शेयर्स में इन्वेस्टमेंट है। क्योंकि इंडियन कंपनीज से मिलने वाले डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स को 31 मार्च, 2020 तक टैक्स से छूट मिलती थी। यह नियम इंडिविजुअल और नॉन-इंडिविजुअल दोनों के लिए था। नॉन-कॉर्पोरेट शेयरहोल्डर्स के लिए 10 लाख रुपये की लिमिट थी। अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट इकोनॉमिक टाइम्स ने इस बारे में बताया है।

सेक्शन 14ए कहता है कि एसेसी टैक्स-एग्जेम्प्ट इनकम कमाने के लिए जो एक्सपेंडिचर करता है, उसे डिडक्शन के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकता। अगर एसेसिंग ऑफिसर एसेसी के बुक्स ऑफ अकाउंट्स से संतुष्ट नहीं है तो वह रूल 8डी(2) के प्रावधान के तहत एक्सपेंडिचर के अमाउंट को डिसअलाउ करेगा।

रूल 8डी(2) के मुताबिक, एग्जेम्प्ट इनकम से जुड़ा एक्सपेंडिचर निम्नलिखित अमाउंट का एग्रीगेट होगा:

1. टैक्स-एग्जेम्प्ट से सीधे तौर पर जुड़ा एक्सपेंडिचर का अमाउंट जो टोटल इनकम का पार्ट नहीं है, और

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