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TDS और TCS कटने का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा डूब गया, जानिए क्यों

सालाना 2.5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों को टैक्स चुकाना जरूरी है। वे TDS और TCS के दायरे में आते हैं। पेमेंट या खर्च के समय ही टैक्स की कटौती की वजह से सरकार को अंतिम समय में टैक्सपेयर्स पर टैक्स पेमेंट के लिए दबाव बनाने की जरूरत नहीं पड़ती है। आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि TDS आपकी इनकम से काटा जाता है, जबकि TCS कुछ खास तरह के खर्च पर आपको चुकाना पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2023 पर 2:12 PM
TDS और TCS कटने का मतलब यह नहीं कि आपका पैसा डूब गया, जानिए क्यों
व्यक्ति को सैलरी, कमीशन, रेंट, इटरेस्ट, प्रोफेशनल फीस, शेयर डिविडेंड्स, क्रिप्टो करेंसी गेंस, लॉटरी या हॉर्स रेस जीतने के रूप में हुई इनकम TDS के दायरे में आती है।

सालाना 7 लाख रुपये से कम इनकम वाले व्यक्ति को किसी तरह का टैक्स चुकाने या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है। यह सुविधा फाइनेंशियल ईयर 2023-24 से शुरू हो गई है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें हैं। इन शर्तों को पूरी करने वाले लोगों को ही यह सुविधा मिलेगी। बाकी लोगों के लिए टैक्स के नियम पहले की तरह है।

TDS और TCS का मकसद क्या है?

इसके तहत सालाना 2.5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों को टैक्स चुकाना जरूरी है। वे TDS और TCS के दायरे में आते हैं। पेमेंट या खर्च के समय ही टैक्स की कटौती की वजह से सरकार को अंतिम समय में टैक्सपेयर्स पर टैक्स पेमेंट के लिए दबाव बनाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

TDS और TCS में क्या फर्क है?

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