पिछले 2 कारोबारी सत्रों में ढाई फीसदी से ज्यादा की बढ़त के बाद 22 अप्रैल को बाजार 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग, फार्मा, मेटल और फाइनेंशियल सर्विसेस ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। चुनिंदा FMCG, IT और ऑटो शेयरों ने भी बाजार पर दबाव बनाया। US फेड के ब्याज दरों पर आक्रमक रूप के चलते बिकवाली का दबाव और बढ़ता नजर आया ।
