वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट (2024-25) में डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम -2024 का ऐलान किया था। इस स्कीम का मकसद इनकम टैक्स के विवादित मामलों में कमी लाना है, जो काफी समय से लंबित हैं। यह स्कीम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू होगी।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट (2024-25) में डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम -2024 का ऐलान किया था। इस स्कीम का मकसद इनकम टैक्स के विवादित मामलों में कमी लाना है, जो काफी समय से लंबित हैं। यह स्कीम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू होगी।
डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम-2024 (DTVSV 2024) के तहत टैक्सपेयर्स को टैक्सपेयर्स को विवादित मामले के निपटारे का मौका मिलेगा। कम पेनाल्टी और कम इंटरेस्ट चुकाकर वे अपने मामले क्लोज कर सकेंगे। 31 दिसंबर, 2024 तक टैक्सपेयर्स कम पेनाल्टी और कम इंटरेस्ट चुकाकर इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। 1 जनवरी, 2025 से इस स्कीम के तहत विवादित मामलों के निपटारे के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इस स्कीम के तहत मामले के निपटारे के लिए अंतिम तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है।
विवाद से विश्वास स्कीम-2024 की कुछ मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
-ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके मामले इनकम टैक्स एपेलेट ट्राइब्यूनल (ITAT), हाई कोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, वे इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं।
-टैक्सपेयर्स इस स्कीम का इस्तेमाल तभी कर सकेंगे, अगर उनकी अपील या याचिका 22 जुलाई, 2024 से पहले लंबित (Pending) होगी।
-टैक्सपेयर्स विवादित टैक्स अमाउंट और कम पेनाल्टी या कम इंटरेस्ट या विवादित टैक्स अमाउंट की फीसदी के आधार पर कैलकुलेटेड अमाउंट चुका कर मामले का निपटारा कर सकेंगे। फीसदी में विवादित टैक्स अमाउंट का कैलकुलेशन लिटिगेशन की स्थिति और उनके अप्लिकेशन की टाइमलाइन पर निर्भर करेगा।
-इस स्कीम के तहत चार फॉर्म नोटिफाइ किए गए हैं:
#फॉर्म-1: टैक्सपेयर की तरफ से डेक्लेरेशन और अंडरटेकिंग।
#फॉर्म-2: डेजिग्नेटेड अथॉरिटी की तरफ से जारी किया सर्टिफिकेट।
#फॉर्म-3: टैक्सपेयर की तरफ से पेमेंट का इंटिमेंशन।
#फॉर्म-4: डेजिग्नेटेड अथॉरिटी की तरफ से बकाया टैक्स के फुल और फाइनल सेटलमेंट का ऑर्डर।
-जो टैक्सपेयर्स इस स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं वो इनकम टैक्स डिपारमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल (WWE.incometax.gov.in) के जरिए फॉर्म 1 और फॉर्म 3 का इस्तेमाल कर सकते हैं।
जरूरी डेडलाइन और प्रावधान
-जो टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर, 2024 से पहले मामले के निपटारे के लिए डेक्लेरेशन फाइल करेंगे उन्हें सेटलमेंट के लिए कम पैसे चुकाने होंगे।
-फॉर्म 1 की जरूरत हर विवाद के लिए पड़ेगी जब तक कि टैक्सपेयर और इनकम टैक्स अथॉरिटी ने आदेश के खिलाफ अपील फाइल नहीं की हो।
-डेजिग्नेटेड अथॉरिटी को सब्मिट किए गए पेमेंट इंटिमेशन (फॉर्म 3) के साथ जारी अपील या याचिका को वापस लेने का सबूत होना चाहिए।
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विवाद से विश्वास स्कीम का मकसद टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाना और विवादित मामलों की संख्या में कमी लाना है। अभी इस स्कीम का फायदा उठाने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। सरकार इस स्कीम को मिलने वाले रिस्पॉन्स के आधार पर अंतिम तारीख का ऐलान कर सकती है।
(लेखक सीए हैं। वह पर्सनल फाइनेंस खासकर इनकम टैक्स से जुड़े मामलें के एक्सपर्ट हैं)
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