रिटायरमेंट की प्लानिंग के वक्त सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आज जो पैसा जोड़ रहे हैं, वो आगे चलकर कितना काम आएगा। बुढ़ापे में हर महीने खर्च कैसे निकलेगा। सिर्फ पैसा जमा कर लेना काफी नहीं होता, उसे ऐसे इस्तेमाल करना भी आना चाहिए कि वह लंबे समय तक नियमित आमदनी देता रहे।
