Unified Pension Scheme: वित्त मंत्रालय ने 25 जनवरी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को नोटिफाई कर दिया। इस स्कीम के तहत रिटायरमेंट से पहले के पिछले 12 महीनों में हासिल एवरेज बेसिक पे का 50%, रिटायरमेंट के बाद फुल एश्योर्ड पेंशन के तौर पर देने का वादा किया गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, UPS केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों पर लागू होगी, जो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आते हैं और जो NPS के तहत इसका विकल्प चुनते हैं। UPS 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली है।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, कर्मचारी के सर्विस से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या इस्तीफा देने की स्थिति में एश्योर्ड पेंशन उपलब्ध नहीं होगी। कहा गया है कि फुल एश्योर्ड पेमेंट की दर रिटायरमेंट से ठीक पहले के 12 महीनों की एवरेज बेसिक पे का 50% होगी। लेकिन इसके लिए कर्मचारी की मिनिमम 25 साल की सर्विस होना जरूरी है। NPS में पेआउट, मार्केट रिटर्न से लिंक होता है।
UPS या NPS: कर्मचारियों के पास रहेगा चुनने का ऑप्शन
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को UPS और NPS के बीच चुनने का विकल्प देगा। NPS के तहत मौजूदा केंद्रीय कर्मचारी, साथ ही केंद्र सरकार के फ्यूचर एंप्लॉयीज UPS के लागू होने की तारीख पर या तो NPS के तहत UPS का विकल्प चुन सकते हैं, या UPS के बिना NPS के साथ जा सकते हैं। NPS के तहत आने वाला कोई ऐसा कर्मचारी, जो UPS लागू होने की तारीख पर सर्विस में है और UPS विकल्प का इस्तेमाल करता है, तो कर्मचारी के परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर में मौजूद फंड UPS के तहत कर्मचारी के पर्सनल फंड में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। देश में NPS 1 जनवरी, 2004 को लागू हुई थी।
पेंशन में सरकार का बढ़ेगा कॉन्ट्रीब्यूशन
UPS, केंद्र सरकार के कर्मचारी की पेंशन में सरकार के योगदान को मौजूदा 14% से बढ़ाकर 18.5% कर देगी। वहीं कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 10% UPS में डालना होगा। 24 अगस्त, 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने UPS को मंजूरी दी थी। कर्मचारी की मिनिमम सर्विस 25 साल से कम रहने के मामले में UPS के तहत पेंशन तो रहेगी लेकिन थोड़ा कम। अगर कर्मचारी की सर्विस 10 साल या उससे ज्यादा है तो हर महीने मिनिमम 10,000 रुपये की पेंशन की गारंटी रहेगी।
वॉलंटरी रिटायरमेंट और मौत के मामले में क्या नियम
UPS के तहत मिनिमम 25 साल के क्वालिफाइंग सर्विस पीरियड के बाद वॉलंटरी रिटायरमेंट के मामलों में, पेंशन का एश्योर्ड पेआउट उस तारीख से शुरू होगा, जिस दिन कर्मचारी रिटायर होगा। लेकिन तभी जब उसकी सर्विस कंटीन्यू रही हो। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अगर रिटायरमेंट के बाद बेनिफीशियरी की मौत हो जाती है तो उसकी मौत से ठीक पहले मंजूर किए गए पेआउट के 60% की दर से फैमिली पेंशन कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को मिलेगी।
महंगाई राहत यानि डियरनेस रिलीफ, एश्योर्ड पेंशन या फैमिली पेंशन पर उपलब्ध होगी। महंगाई राहत की कैलकुलेशन उसी तरह की जाएगी, जैसे सर्विंग एंप्लॉयीज के लिए लागू महंगाई भत्ते के लिए की जाती है।