Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का दिन अक्षय फल प्रदान करने वाला माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं। इन दोनों की कृपा से जातकों के शुभ कार्यों का फल अक्षय हो जाता है। इस दिन बहुत से लोग नए काम की शुरुआत करते हैं। ये दिन इतना पावन होता है कि इस दिन शुभ काम के लिए मुहूर्त देखने की भी जरूरत नहीं होती है। बहुत से लोग अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर गृह प्रवेश के लिए पूरा साल इंतजार करते हैं। लेकिन इस दिन गृह प्रवेश की तैयारी करने से पहले कुछ जरूरी नियमों को जान लेना चाहिए। आइए आप भी जानिए।
अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। ऐसे में 19 अप्रैल को यह पर्व मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन किसी विशेष समय के बिना भी गृह प्रवेश किया जा सकता है। हालांकि, 19 अप्रैल 2026 को सुबह 11:55 से दोपहर 12:46 तक अभिजित मुहूर्त रहेगा।
गृह प्रवेश के समय शंख जरूर बजाएं : गृह प्रवेश की पूजा किसी योग्य ब्राह्मण द्वारा पूरी विधि-विधान संपन्न करवाएं। प्रवेश के समय शंख जरूर बजाएं। ऐसा करना शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
गृह प्रवेश से पहले करें वास्तु शांति : गृह प्रवेश से पहले वास्तु शांति, नवग्रह पूजा और हवन अवश्य करवाएं। गृह प्रवेश के दिन जल या दूध से भरा कलश रखें और अगले दिन मंदिर में चढ़ाएं।
मुख्य द्वार की सजावट : गृह प्रवेश करत समय घर के मुख्य द्वार को तोरण, फूलों और रंगोली से सजाना शुभ माना जाता है। इससे घर में समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है।
पहला कदम : गृह प्रवेश के दौरान पति-पत्नी घर में प्रवेश करते समय घर की चौखट के अंदर सबसे पहले दाहिना पैर रखें। इसे घर में शुभ शुरुआत का संकेत माना जाता है।
रसोई की शुरुआत : गृह प्रवेश के बाद सबसे पहले रसोई में चूल्हा जलाकर दूध उबालें या खीर या हलवा जैसे मीठे व्यंजन बनाएं। इससे घर में बरकत और खुशहाली आती है।
ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा : इस शुभ अवसर पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी श्रद्धा अनुसार दक्षिणा दें। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
रात में दीपक जलाना : रात के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। कोशिश करें कि नए घर को पहली रात खाली न रखें, इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।