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Apara Ekadashi 2025: अपरा एकादशी पर पढ़ें ये चमत्कारी कथा, श्रीहरि की कृपा से मिलेगा हर संकट से छुटकारा

Apara Ekadashi 2025: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में अपरा एकादशी मनाई जाती है, जिसमें भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इस पावन दिन पर व्रत रखने के साथ-साथ अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए, जिससे पुण्य और मुक्ति की प्राप्ति होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 23, 2025 पर 8:58 AM
Apara Ekadashi 2025: अपरा एकादशी पर पढ़ें ये चमत्कारी कथा, श्रीहरि की कृपा से मिलेगा हर संकट से छुटकारा
Apara Ekadashi 2025: एकादशी तिथि विष्णु जी को समर्पित है।

Apara Ekadashi 2025: हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है और साल भर में आने वाली 24 एकादशियों में से अपरा एकादशी  का अपना अलग ही धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। वर्ष 2025 में ये शुभ तिथि 23 मई यानी आज पड़ रही है। ये एकादशी ज्येष्ठ मास  के कृष्ण पक्ष में आती है और इसका व्रत करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

साथ ही इस दिन दान और पुण्य कार्य  करने से सौगुना फल प्राप्त होता है। अपरा एकादशी न केवल आत्मिक शुद्धि का अवसर है, बल्कि ये पर्व दिवंगत आत्माओं की शांति और अपने जीवन में सकारात्मकता लाने का मार्ग भी प्रदान करता है।

व्रत और पूजा का महत्व

इस दिन श्रद्धालु पूरे नियम और विधि से व्रत रखते हैं और श्रीहरि विष्णु की आराधना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से न केवल भौतिक सुख मिलते हैं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। विशेष रूप से दान  का महत्व इस दिन अत्यधिक बताया गया है। दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में आर्थिक लाभ के योग बनते हैं।

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