Basant Panchami Mistakes 2026: बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन के बाद अत्यधिक सर्दियों का मौसम समाप्त हो जाता है और धीरे-धीरे गर्मियों का मौसम शुरू होने लगता है। बसंत पंचमी का दिन कला, संस्कृति और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को भी समर्पित होता है। विभिन्न धार्मिक शास्त्रों में कहा गया है कि मां सरस्वती माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को प्रकट हुई थीं। इसलिए इस दिन को उनके जन्मोत्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, सांस्कृति संस्थानों और मंदिरों में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। भक्त मां सरस्वती की पूजा में श्रद्धा और उल्लास के साथ हिस्सा लेते हैं। सरस्वती पूजा में ये 5 गलतियां करने से बचना चाहिए, वर्ना विद्या और ज्ञान की देवी नाराज हो सकती हैं। धर्म सिंधु और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस दिन कुछ खास गलतियां करने से पूजा का फल नहीं प्राप्त होता है, बल्कि ‘विद्या दोष’ लग सकता है। आइए जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें?
