Chaiti Chhath 2026: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू हुआ चैती छठ का महापर्व अब अपने समापन पर पहुंच गया है। चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि को छठ व्रती उगते सूरज की पहली किरण को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ ही उषा अर्घ्य देंगे। इसके साथ ही उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत और ये पर्व संपन्न हो जाएगा। छठ पर्व छठी माता और भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है, जो साल में दो बार मनाया जाता है। एक बार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में और दूसरा चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में।
इससे पहले मंगलवार यानी 24 मार्च को छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर आभार प्रकट किया। पंचांग के मुताबिक सूर्यास्त का समय शाम 06:34 था। संध्या अर्घ्य पर मुख्य रूप से सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य देने की परंपरा है। व्रतियों ने नदी, तालाब, सरोवर या घाट पहुंचकर कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। बांस की सूप में ठेकुआ, फल, गन्ना, नारियल, कसार, केला समेत अन्य पूजन सामग्री अर्पित की।
सुबह 6.20 बजे होगा सूर्योदय
छठ पूजा का चौथा दिन यानी चैत्र शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि उगते सूर्य को अर्घ्य देने का होता है, जिसे उषा अर्घ्य कहा जाता है। इस बार उषा अर्घ्य 25 मार्च 2026 को दी जाएगी। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 06:20 बजे होगा। संघ्या अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व का समापन चौथे दिन सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। इसके बाद पारण किया जाएगा। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोलते हैं। आज कई लोग घर के आंगन या छत पर पानी के टब आदि में भी अर्घ्य देंगे।
शहर अनुसार ऊषा अर्घ्य का समय
रांची : सुबह 05 बजकर 48 मिनट
गोरखपुर : सुबह 05 बजकर 55 मिनट
दिल्ली : सुबह 06 बजकर 20 मिनट
प्रयागराज : सुबह 06 बजकर 02 मिनट
जमशेदपुर : सुबह 05 बजकर 45 मिनट
बोकारो : सुबह 05 बजकर 45 मिनट
गया : सुबह 05 बजकर 49 मिनट
भागलपुर : सुबह 05 बजकर 41 मिनट
मुजफ्फरपुर : सुबह 05 बजकर 47 मिनट
वाराणसी : सुबह 05 बजकर 57 मिनट
लखनऊ : सुबह 06 बजकर 05 मिनट
मऊ : सुबह 05 बजकर 55 मिनट
देवघर : सुबह 05 बजकर 42 मिनट
नोएडा : सुबह 06 बजकर 19 मिनट
छपरा : सुबह 05 बजकर 50 मिनट
कोलकाता : सुबह 05 बजकर 36 मिनट
भोपाल : सुबह 06 बजकर 20 मिनट
मुंबई : सुबह 06 बजकर 39 मिनट
पुणे : सुबह 06 बजकर 35 मिनट
बेगूसराय : सुबह 05 बजकर 45 मिनट