Dhanteras 2025 Puja Samagri List: धनतेरस का त्योहार संपन्नता और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। इस त्योहार से दिवाली के पांच दिनों के पर्व की शुरुआत होती है। इस दिन सोना, चांदी, संपत्ति, बर्तन आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो चीज खरीदी जाती है उसमें मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से 13 गुना वृद्धि होती है। यह दिन देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन इनका पूजन किया जाता है। इस दिन खरीदारी का जितना महत्व है, उतना ही महत्व शाम की पूजा का भी है। इस पूजा में कुछ चीजें बेहद जरूरी होती हैं, जिनके बिना ये पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानें धनतेरस की पूजा में क्या-क्या समग्री जरूरी है?
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा का सबसे अच्छा समय प्रदोष काल को माना जाता है। इस साल धनतेरस पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं, जिसमें ये विशेष फलदायी होगी। शुभ मुहूर्त की शुरुआत शाम 06:59 बजे से हो रही है और ये रात 08:56 बजे तक है। इस समय में विधिपूर्वक धनतेरस की पूजा करें। वैसे सिंह लग्न में धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 01:27 मिनट से तड़के 03:41 बजे तक है।
धनतेरस पूजा सामग्री लिस्ट
गणेश मंत्र : वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा.
लक्ष्मी मंत्र : ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:
कुबेर मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः
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