होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो प्रकृति, आस्था और सामाजिक उल्लास को एक साथ जोड़ता है। हर साल ये पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि से शुरू होकर अगले दिन प्रतिपदा पर रंगों की उमंग के साथ मनाया जाता है। लेकिन वर्ष 2026 में तिथियों के विशेष संयोग, पूर्णिमा के दो दिन तक रहने और चंद्रग्रहण लगने की वजह से लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर होलिका दहन किस दिन करना उचित रहेगा और रंगों की होली कब खेली जाएगी।
