Holika Dahan 2026: होलिका दहन होली के पर्व का एक बेहद अहम हिस्सा है। इसके बिना होली के पर्व की कल्पना नहीं की जा सकती है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन किया जाता है, जिसका वर्णन भक्त प्रह्लाद, राक्षस राज हिरण्यकश्यप और उनकी बहन होलिका की पौराणिक कथा में मिलता है। होली पर्व की यह अभिन्न परंपरा है। इसके बारे में हिंदू धर्म कई मान्यताएं हैं। इन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन कुछ लोगों के लिए देखना अशुभ माना जाता है। इनमें नवविवाहिता स्त्री, गर्भवती महिला और 5 साल से छोटे बच्चे शामिल हैं। कहते हैं कि होलिका दहन के दिन राहु उग्र अवस्था में रहता है, इसलिए इन पर होलिका दहन की अग्नि का विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकता है।
