Jaya Ekadashi 2026: माघ मास की अंतिम एकादशी होगी जया एकादशी, जानें इसकी तारीख, मुहूर्त और पारण समय

Jaya Ekadashi 2026: माघ महीने की अंतिम एकादशी का व्रत 29 जनवरी को किया जाएगा। माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को की जाएगी। यह जया एकादशी का व्रत होगा। यह व्रत करने वाले भक्त पिशाच योनी से मुक्त हो जाते हैं। आइए जानें इसका मुहूर्त और पारण समय के बारे में

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 6:45 PM
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यह व्रत माघ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में बहुत अहमियत रखता है। यह व्रत माघ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत को करने से व्यक्ति पिशाच योनी से मुक्त हो कर मोक्ष के रास्ते पर आगे बढ़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी की तिथि सब पापों का नाश करने वाली है। माना जाता है कि इस व्रत को करने वाला व्यक्ति एक हजार वर्ष तक स्वर्ग में वास करते हैं। इस व्रत को करने वाले भक्त का भाग्योदय हो जाता है। आइए जानें ये व्रत किस दिन किया जाएगा, इस मुहूर्त और पारण समय क्या रहेगा ?

जया एकादशी तारीख और मुहूर्त

माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जनवरी 2026 को शाम 4 बजकर 35 मिनट पर शुरू होकर अगले दिन 29 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को किया जाएगा।

भगवान विष्णु पूजा मुहूर्त : सुबह 7.11 - सुबह 8.32 तक है। इसके बाद पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11.14 से लेकर दोपहर 1.55 तक है।

व्रत पारण समय - 30 जनवरी को सुबह 7.10 से सुबह 9.20

जया एकादशी पर क्या न खाएं


जया एकादशी पर खानपान के कुछ नियम बताए गए हैं और जिस घर में जया एकादशी की पूजा हो रही है और व्रत रखा जा रहा है, वहां इन नियमों का पालन करना चाहिए। एकादशी व्रत करने वालों को इस दिन केवल एक समय भोजन करना चाहिए।

इस दिन व्रती को केवल फलाहार करना चाहिए। इस दिन अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन घर में चावल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। एकादशी पर बैंगन, मूली, लहसुन, प्याज और मसूर दाल जैसी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

विष्णु जी की पूजा विधि

इस दिन विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और जरूरतमंदों की मदद करें। 14 मुखी दीपक लगाकर श्रीहरि का ध्यान करें। ये उपाय वैवाहिक जीवन में सुख लाता है। लव मैरिज के रास्ते आसान होते हैं।

जया एकादशी के दिन श्रीहरि को पीपले के पत्ते पर दूध और केसर से बनी मिठाकर रखकर भोग लगाएं। पीपल का पत्ता एक दिन पहले तोड़ लें। मान्यता है इस उपाय से जीवन में कष्ट दूर होते हैं। आर्थिक तंगी नहीं रहती।

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