Jyeshtha 2026 Ekadashi Date: ज्येष्ठ माह आज से शुरू, 60 दिनों के महीने में मिलेगा 4 एकादशी व्रत का दुर्लभ संयोग

Jyeshtha 2026 Ekadashi Date: ज्येष्ठ का महीना आज से शुरू हो गया है। भगवान सूर्य और हनुमान जी का यह प्रिय महीना इस बार दुर्लभ संयोगों से भरा हुआ है। इस माह में अधिक मास लगने इसका महत्व और बढ़ गया है। इस वजह से इसमें दो नहीं चार एकादशी व्रत का दुर्लभ अवसर मिलेगा। आइए जानें

अपडेटेड May 02, 2026 पर 2:25 PM
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ज्येष्ठ माह में इस बार अधिकमास लगने से इसमें 4 व्रत किया जाएगा।

Jyeshtha 2026 Ekadashi Date: हिंदू कैलेंडर का तीसरा और इस साल का सबसे महत्वपूर्ण ज्येष्ठ का महीना आज से शुरू हो गया है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिकमास लगने की वजह से इसे सबसे महत्वपूर्ण महीना कहा जा रहा है। ज्येष्ठ का यह महीना इस बार आम महीनों से लंबा होगा। इसमें मांगलिक कार्य नहीं होंगे, लेकिन इसे पूजा-पाठ और दान के सबसे उत्तम माना जाता है। इस माह में एक और दुर्लभ संयोग 4 एकादशी तिथियों का मिलेगा।

हिंदू माह में कृष्ण और शुक्ल में दो एकादशी तिथियां आती हैं। लेकिन, जब किसी माह में अधिकमास लगता है, तो उसमें 2 नहीं 4 एकादशी तिथियां हो जाती हैं। ज्येष्ठ माह में आमतौर पर अपरा और निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। इस बार अधिकमास लगने से इसमें पद्मिनी और परमा एकादशी का व्रत भी किया जाएगा।

ज्येष्ठ माह में आएंगी ये 4 एकादशी तिथियां

अपरा एकादशी : अपरा एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 2:52 बजे शुरू होगी और 13 मई को दोपहर 1:29 बजे खत्म होगी। उदयातिथि के अनुसार अपरा एकादशी 13 मई, 2026 को होगी। इस व्रत का पारण 14 मई को सुबह 5:31 बजे से सुबह 8:14 बजे के बीच किया जाएगा।

पद्मिनी एकादशी : यह आध्यात्मिक रूप से दुर्लभ एकादशी है। पद्मिनी एकादशी अधिक मास की पहली एकादशी होती है। एकादशी तिथि 26 मई को सुबह 5:10 बजे शुरू होगी और 27 मई को सुबह 6:21 बजे खत्म होगी। इस एकादशी का व्रत 27 मई को किया जाएगा। वहीं, इसका पारण 28 मई को सुबह 5:45 बजे से सुबह 7:57 बजे के बीच कर सकते हैं।

परमा एकादशी : अधिकमास के कृष्ण पक्ष में परमा एकादशी का व्रत किया जाएगा। ज्येष्ठ अधिकमास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि की शुरुआत 11 जून मध्यरात्रि 12.58 बजे होगी, जो 11 जून रात 10.36 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 11 जून 2026 को किया जाएगा। परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून को सुबह 5.22 बजे से 10.01 बजे के बीच कर सकते हैं।


निर्जला एकादशी : इसके बाद ज्येष्ठ माह की अंतिम एकादशी निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और 25 जून को रात 8 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून 2026 को सुबह 06:03 बजे से सुबह 08:42 बजे के बीच कर सकते हैं।

अधिकमास में एकादशी व्रत का विशेष महत्व

अधिकमास को पापों और दोषों को दूर करने वाला माना जाता है। इस दौरान किए गए व्रत, दान और पूजा का फल साधारण मास से कई गुना अधिक होता है। ज्येष्ठ माह में अधिकमास लगने से चार एकादशी व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इन व्रतों को श्रद्धा और विधि-विधान से करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्त के सभी संकट दूर करते हैं।

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