Kharmas 2026: सूर्य भगवान के देवगुरु बृहस्पति की राशि में प्रवेश करने पर खरमास शुरु होता है। सूर्य लगभग एक माह तक इस राशि में रहते हैं। इस अवधि का हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इस अवधि में मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। माना जाता है कि इस दौरान बृहस्पति ग्रह और सूर्य दोनों की ऊर्जा कमजोर होती है। शादी, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए ये ग्रह शुभ माने जाते हैं। इसलिए इनका पूरी ऊर्जा के साथ मौजूद होना जरूरी माना जाता है। सूर्य देव जब धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास समाप्त हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में, इसके बाद से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं और शादी, गृह प्रवेश के मुहूर्त मिलने लगते हैं। लेकिन, इस साल यानी 2026 में ऐसा नहीं होगा। इस साल मकर संक्रांति के बाद खरमास खत्म होगा, मगर शादी की शहनाइयां नहीं बजेंगी। आइए जानें क्या है इसकी वजह और कब से शुरू होंगे मांगलिक कार्य
