Makar Sankranti 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य किसी भी राशि में लगभग 30 दिनों तक रहते हैं। इस तरह सूर्य 12 राशियों में चक्कर लगाते हैं और साल में मेष, वृषभ और कर्क सहित 12 संक्रांति होती है। लेकिन मकर राशि में प्रवेश को धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। एक तो इस दिन सूर्य गुरु की राशि धनु से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो उनके अपने पुत्र यानी शनि की राशि है। दूसरे, इस दिन के बाद से एक महीने से चल रहा खरमास समाप्त हो जाता है, जो सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से शुरू हुआ था। इसके बाद से शादी, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इसलिए, मकर संक्रांति पर गंगा नदी में स्नान और दान का विशेष महत्व है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय किए जाएं तो राहत मिलती है। आइए जानें इन उपायों के बारे में।
