Paush Amavasya 2025 Upay: हिंदू धर्म में कुछ तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है। इन तिथियों में अमावस्या तिथि भी आती है। हिंदू कैलेंडर में हर माह में एक अमावस्या तिथि आती है। इस तरह पूरे वर्ष में 24 अमावस्या तिथियां आती हैं। प्रत्येक तिथि का अपना महत्व होता है। इनमें पौष माह की अमावस्या तिथ विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। पितरों के लिए अनुष्ठान करने के लिए लिहाज से भी इस तिथि का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष माह को दूसरा पितृ पक्ष कहा जाता है। इसमें पितरों के लिए श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
पौष अमावस्या पर भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा की जाती है। इस दिन स्नान-दान और आत्मशुद्धि का बहुत महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और फिर दान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन स्नान-दान और पूजा पाठ के साथ-साथ पितरों के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन खास उपाय करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद घर परिवार पर बनाए रखते हैं। आइए जानते हैं पौष अमावस्या के दिन पितरों के लिए किए जाने वाले विशेष उपायों के बारे में।
पंचांग के अनुसार पौष माह की अमावस्या तिथि 19 दिसंबर, शुक्रवार के दिन सुबह 04 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 20 दिसंबर सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल पौष अमावस्या 19 दिसंबर, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।
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