Phalguna Amavasya 2026: फरवरी में इस दिन होगी हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या, जानें तारीख और पितृ दोष शांत करने के उपाय

Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन मास की अमावस्या हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या है। इस दिन स्नान-दान और पितृ तर्पण का बहुत महत्व है। आइए जानें इस साल फाल्गुन अमावस्या किस दिन की जाएगी और इस दिन पितृ दोष शांति के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं

अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 6:44 PM
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फाल्गुन अमावस्या मंगलवार, 17 फरवरी, 2026 को होगी।

Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या, हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या माना जाता है। हिंदू धर्म में, अमावस्या का बहुत अधिक आध्यात्मिक महत्व है। इसे पूर्वजों को समर्पित पूजा-पाठ करने के लिए एक अहम दिन माना जाता है। इस साल, यह मंगलवार, 17 फरवरी, 2026 को मनाई जाएगी। देश भर में भक्त इस दिन को श्रद्धा के साथ मनाते हैं, दान-पुण्य करते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन तर्पण करने से दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार के लिए उनका आशीर्वाद मिलता है। पितरों की पूजा के अलावा, अमावस्या को कालसर्प दोष पूजा करने के लिए भी एक शुभ दिन माना जाता है। आइए जानें इस साल ये अमावस्या किस दिन की जाएगी और पितृ दोष शांति के लिए इस दिन क्या उपाय कर सकते हैं?

फाल्गुन अमावस्या तारीख और समय

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या मंगलवार, 17 फरवरी, 2026 को होगी। इस साल फाल्गुन अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी, 2026 को शाम 05:34 बजे से होगी और इसका समापन 17 फरवरी, 2026 को शाम 05:30 बजे होगा। चूंकि, मंगलवार को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है, इसलिए मुख्य पूजा 17 फरवरी को होंगी।

स्नान-दान का मुहूर्त : 17 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:35 से 06:25 स्नान के लिए सबसे उत्तम है।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:37 से 01:23 बजे तक।

पितृ दोष शांति के लिए करें ये उपाय


पीपल पेड़ की पूजा : पीपल पेड़ में त्रिदेव के साथ ही पीपल में पितरों का वास भी होता है। फाल्गुन अमावस्या के दिन भोर के समय पीपल पेड़ में जल चढ़ाएं और शाम को सरसों तेल या घी का दीया जलाने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं।

दान करें : फाल्गुन अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें। इसके अलावा अमावस्या के दिन सोना, तिल और अनाज का दान करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है। इस दिन पितरों का नाम लेकर दान करना चाहिए।

दीपदान करें : फाल्गुन अमावस्या के दिन घर की छत या मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर मुख कर के घी का दीया जलाएं। कहते हैं कि दीपदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

गौ सेवा : फाल्गुन अमावस्या के दिन गायों को भोजन खिलाएं। गाय के अलावा कौवा और अन्य जीव जंतुओं को भी भोजन कराएं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।

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