Vaikuntha Ekadashi 2025 Upay: साल के आखिर में किया जाएगा वैकुंठ एकादशी का व्रत, इस दिन ये उपाय करने से धन-धान्य की कमी नहीं होती

Vaikuntha Ekadashi 2025 Upay: वैकुंठ एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी कहा जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित ये व्रत करने से वैकुंठ लोक में स्थान मिलता है। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा और इसमें कौन से उपाय करें

अपडेटेड Dec 10, 2025 पर 7:00 AM
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के वैकुंठ लोक के द्वार खुलते हैं।

Vaikuntha Ekadashi 2025 Upay: पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान बताया गया है। यह इस साल की अंतिम एकादशी व्रत होगा और इसे साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के वैकुंठ लोक के द्वार खुलते हैं। इसलिए वैकुंठ एकादशी के दिन व्रत करने वाले भक्तों को भगवान के लोक में स्थान मिलता है। हिंदू धर्म में इस एकादशी व्रत को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी माना गया है। इस साल वैकुंठ एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। इस व्रत का पारण अगले दिन यानी 31 दिसंबर 2025 को किया जाएगा।

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु (नारायण) की पूरी विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं। इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है और धन-धान्य वृद्धि होती है।

घर में तुलसी का पौधा लगाएं या उसकी पूजा करें। वैकुंठ एकादशी के शुभ अवसर पर भगवान विष्णु को तुलसी दल अत्यंत प्रिय है, इसलिए भोग में तुलसी का पत्र अवश्य शामिल करें। इस दिन भूलकर भी तुलसी के पौधे पर जल नहीं चढ़ाएं, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन माता तुलसी निर्जला व्रत रखती हैं।

वैकुंठ एकादशी पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से विष्णु मंदिरों में 'स्वर्ग द्वार' से दर्शन किए जाते हैं, जिससे कष्ट दूर होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

इस दिन गरीबों, ब्राह्मणों, कन्याओं को भोजन कराना, पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केसर, फल, मिष्ठान्न, धर्मग्रंथ (जैसे भगवद्गीता) का दान करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में खुशहाली आती है।

वैकुंठ एकादशी पर धन-धान्य की वृद्धि के लिए "हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे" का जाप शांति और खुशी के साथ धन-धान्य लाता है।


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