Vaishakh Purnima 2026 Date: कल वैशाख पूर्णिमा पर जल-सत्तू का दान करें, भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें, जानें पूजा का मुहूर्त और विधि

Vaishakh Purnima 2026 Date: हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष स्थान है। इसे सत्य विनायक पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा का विशेष विधान है। इस दिन जल और सत्तू का दान बहुत पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानें इसकी पूजा विधि और मुहूर्त

अपडेटेड Apr 30, 2026 पर 7:41 PM
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वैशाख मास को शास्त्रों में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

Vaishakh Purnima 2026 Date: वैशाख पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर में आने वाली सभी 12 पूर्णिमा तिथियों में से एक है। माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य देने का भी विधान है। इस दिन लोग पूर्णमासी का व्रत करते हैं और गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान-पुण्य करते हैं। इस साल वैशाख माह की पूर्णिमा 1 मई 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस पूर्णिमा को इसे सत्य विनायक पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा का विशेष विधान है।

खास बात ये है कि वैशाख पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म में भी विशेष स्थान रखता है। इस दिन भगवान बुद्ध के जीवन की तीन सबसे अहम घटनाएं हुई थीं। इसी दिन उनका जन्म हुआ, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति भी इसी दिन हुई और इसी तिथि पर उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ। वहीं, हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को भगवान विष्णु ने कच्छप (कुर्म) अवतार लिया था, इसलिए इस दिन कुर्म जयंती भी मनाई जाती है। इसलिए पूरे साल में आने वाली यह एक तिथि ऐसी है, जो धार्मिक मान्यताओं को एक साथ लाती है।

वैशाख पूर्णिमा 2026 तिथि और चंद्रोदय का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे से शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे तक रहेगी, इसलिए उदयातिथि के आधार पर 1 मई को ही मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रोदय 01 मई 2026 को शाम 06:52 बजे होगा। इस समय चंद्रमा की अर्घ्य दिया जाएगा।

स्नान दान और पूजा का शुभ मुहूर्त

वैशाख मास को शास्त्रों में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों (विशेषकर गंगा) में स्नान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन स्नान के साथ पूजा और दान का बड़ा महत्व है। इस दिन और जल, सत्तू, या अन्न का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।


01 मई को स्नान-दान का सबसे शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04 बजकर 15 से लेकर 04 बजकर 58 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक

अमृत काल : शाम 06 बजकर 56 मिनट से 08 बजकर 41 तक रहेगा।

पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु के व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान को पीले वस्त्र व फूल अर्पित करें और पंचामृत से स्नान कराएं।
  • भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या पढ़ें और दीपक जलाकर आरती करें।
  • मन शांत रखें, सात्विक विचार अपनाएं और दूसरों के प्रति दया का भाव रखें।
  • शाम को चंद्रमा को दूध मिले जल से अर्घ्य दें।

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