Vaishakh Second Pradosh Vrat 2026: हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण व्रत आते हैं। इनमें एकादशी व्रत और त्रयोदशी यानी प्रदोष व्रत विशेष स्थान रखते हैं, क्योंकि ये हर माह दो बार किए जाते हैं। ये व्रत पूरे साल करने से भगवान की कृपा से जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं। एकादशी व्रत जहां भगवान विष्णु को समर्पित है वहीं प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर सोम प्रदोष व्रत और मंगलवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर भौम प्रदोष व्रत किया जाता है।
