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Rohit Sharma: ' गंभीर ने रोहित शर्मा को ODI कप्तानी से हटवाया...', मनोज तिवारी ने लगाया ये बड़ा आरोप

Rohit Sharma: मनोज तिवारी ने कहा, उन्हें उम्मीद थी कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी, जिनमें जय शाह भी शामिल हैं। इस फैसले में दखल देंगे और इसे रोकेंगे। रोहित शर्मा अब भी भारत को 2027 वर्ल्ड कप जिताने का सबसे मजबूत ऑप्शन हैं और उनकी कप्तानी में टीम के जीतने की संभावना ज्यादा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 16, 2026 पर 5:56 PM
Rohit Sharma: ' गंभीर ने रोहित शर्मा को ODI कप्तानी से हटवाया...', मनोज तिवारी ने लगाया ये बड़ा आरोप
मनोज तिवारी ने टीम इंडिया का पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।

Rohit Sharma: भारतीय क्रिकेट टीम को दो ICC ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा को पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया गया। रोहित की जगह शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान सौंपी गई। हैरानी की बात ये थी कि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जिताने के छह महीने के भीतर ही रोहित को वनडे इंटरनेशनल टीम की कप्तानी से हटा दिया गया। वहीं रोहित शर्मा को वनडे के कप्तानी से हटाए जाने से हर कोई हैरान था। वहीं अब भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी रोहित शर्मा को वनडे कप्तान पद से हटाए जाने के फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई है।

मनोज तिवारी का बड़ा आरोप

मनोज तिवारी ने कहा, उन्हें उम्मीद थी कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी, जिनमें जय शाह भी शामिल हैं। इस फैसले में दखल देंगे और इसे रोकेंगे। रोहित शर्मा अब भी भारत को 2027 वर्ल्ड कप जिताने का सबसे मजबूत ऑप्शन हैं और उनकी कप्तानी में टीम के जीतने की संभावना ज्यादा है। मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर का नाम लिए बिना कहा कि चाहे दुनिया के सामने फैसला चीफ सेलेक्टर (अजीत अगरकर) ने सुनाया हो, लेकिन इसमें कोच का योगदान भी अवश्य रहा होगा। मनोज तिवारी ने कहा, "ऐसे फैसले कोई अकेला नहीं लेता है, दोनों इसके लिए बराबर जिम्मेदार हैं।"

स्पोर्ट्स तक से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा, “रोहित शर्मा खिलाड़ियों के कप्तान थे। उन्होंने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जिताई। टीवी स्क्रीन पर साफ दिखता है कि युवा खिलाड़ी उनके साथ कितनी सहजता से बातचीत करते हैं। वह सिर्फ टीम के नहीं, बल्कि पूरे देश के कप्तान हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें कप्तान बने रहना चाहिए था। मैंने उस समय भी BCCI के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की थी। जय शाह उस वक्त ICC से जुड़े थे। लेकिन मेरा मानना है कि जिन लोगों के हाथ में फैसला था, उन्हें दखल देना चाहिए था और ये फैसला होने से रोकना चाहिए था।”

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