IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों का दूसरा मैच खेला जा रहा है। एजबेस्टन में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन कप्तान शुभमन गिल ने शादनार डबल सेंचुरी और रविंद्र जडेजा ने 89 रन की अहम पारी खेली। शुभमन गिल की पारी की बदौलत पहले दिन भारतीय टीम ने 587 रन बनाई। इसके बाद भारतीय तेज गेंदबाजों ने स्टंप्स तक इंग्लैंड को 77 रन पर 3 विकेट के नुकसान पर रोक दिया है। वहीं दूसरे दिन का खेल खेला जा रहा है। वहीं इस मैच में इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर ने भारतीय खिलाड़ियों के बार-बार ब्रेक लेने पर बड़ा बयान दिया है।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड ने एजबेस्टन टेस्ट के दौरान टीम इंडिया के कई बार ब्रेक लेने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मजाक में कहा, "उनके साथियों ने ‘घास उगते देखने’ के लिए टिकट नहीं खरीदे थे।
भारतीय टीम के बार-बार ब्रेक लेने पर नाराज
डेली मेल के लिए अपने कॉलम में डेविड लॉयड ने लिखा, "दूसरे दिन का खेल शुरू हुए सिर्फ 15 मिनट ही हुए थे कि जडेजा ने खेल रोक दिया, पानी पिया और हाथ में चोट लगने के बाद कुछ मेडिसिन लीं। करीब 40 मिनट बाद उन्होंने फिर एक ब्रेक लिया। अंपायर इस दौरान बिल्कुल बेबस दिखे। यह कोई हैरानी की बात नहीं कि हम लगातार ओवर कम कर रहे हैं।"
लोगों ने पैसे खर्च किए हैं
डेविड लॉयड ने आगे लिखा, "अधिकारियों को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं या फिर ICC से इस पर साफ निर्देश लें कि किसी भी चोट का इलाज मैदान के बाहर हो और उसकी जगह कोई नया बल्लेबाज आए। खेल को रोके बिना आगे बढ़ाते रहना जरूरी है। मेरे साथ एरिक होलीज स्टैंड में बैठे लोगों ने घास बढ़ते देखने के लिए 85 पाउंड (करीब ₹9,900) नहीं चुकाए हैं।"
जडेजा पिच से छेड़छाड़ करते नजर आए
जब जडेजा बल्लेबाजी कर रहे थे, तो स्टोक्स उन्हें बार-बार पिच के 'खतरे वाले हिस्से' में चलते देखकर नाराज हो गए और अंपायरों से शिकायत की। इस पर डेविड लॉयड ने मजाक में कहा कि उनकी जगह वो भी ऐसा ही करते। लॉयड ने कहा, "मैं भारतीय टीम के एक्सपीरिएंस और चालाक खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की उस नाटकीय बल्लेबाजी को बड़े ध्यान से देख रहा था। वह इस मैच के आखिरी हिस्से में इसी पिच पर गेंदबाजी करेगा और साफ दिख रहा था कि वह पिच पर कुछ ऐसा छोड़ना चाहता है जिस पर वह बाद में काम ले सके। अपनी 89 रन की पारी में वह लगभग हर दूसरी गेंद पर पिच से छेड़छाड़ करता नजर आया, कभी बल्ले से उसे ठोकता, तो कभी पैरों से खरोंचता। यह पिच काफी सूखी है और जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, इसमें टर्न आना तय है। "