रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल को लेकर बड़ी खबर आ रही है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के फास्ट-बॉलर यश दयाल को उनके खिलाफ दर्ज रेप केस में अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान हाई कोर्ट ने मामले की जांच कर रहे अधिकारी को 19 जनवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट यश दयाल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसे कुछ हफ्ते पहले जयपुर की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
यश दयाल ने आरोपों को झुठा बताया
अपनी याचिका में यश दयाल ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि, 'ये मामला उन्हें परेशान करने और उनसे पैसे वसूलने के इरादे से बनाया गया है।' दयाल ने कहा कि 'वह एक सम्मानित आम नागरिक हैं, जिन्होंने अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाया है, लेकिन कुछ लोग उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और कोर्ट से उनकी अर्जी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की है।'
पीड़िता की ओर से पेश वकील दिवेश शर्मा ने अदालत में कहा कि, आरोपी ने क्रिकेट में करियर आगे बढ़ाने में मदद का झूठा भरोसा देकर कथित तौर पर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। उन्होंने ये भी साफ किया कि अगर पीड़िता नाबालिग है, तो उसकी सहमति का कानून में कोई महत्व नहीं होता। वकील के मुताबिक, इस तरह के मामलों में कानून पूरी तरह पीड़ित के पक्ष में खड़ा होता है और सहमति की दलील स्वीकार नहीं की जा सकती।
बता दें जुलाई महीने में यश दयाल के खिलाफ इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस केस में आगे की कानूनी कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी थी। कुछ हफ्तों बाद सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन में क्रिकेटर के खिलाफ रेप के आरोप में एक नई एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता ने कहा कि, ये घटना करीब दो साल पहले की है, जब वह नाबालिग थी। पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत दर्ज किया है, जो धोखे से शारीरिक संबंध बनाने जैसे मामलों से जुड़ी है।