पिछले काफी समय से व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। लेकिन हाल ही में हुई न्यूजीलैंड के साथ तीन मैचों की सीरीज में भारत को 2-1 से हार मिली थी। वडोदरा में खेले गए पहले मैच में हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम सीरीज में शानदार वापसी की और लगातार दूसरे व तीसरे मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली। इंदौर में खेले गए आखिरी वनडे में 41 रन की जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारत की धरती पर पहली बार वनडे सीरीज जीती है। इस सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम का मैनेजमेंट सवालों के घेरे में आ गया है। वनडे सीरीज के कई खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 और टी20 वर्ल्ड कप का हिस्सा है। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन वनडे में कुछ खास नहीं रहा है।
गेंदबाजी में कुलदीप यादव का ये दौरा निराशाजनक रहा, जहां तीन मैचों में वह सिर्फ तीन विकेट ही ले सके और उनकी इकॉनमी रेट भी सात रन प्रति ओवर से ज्यादा रही।
इंदौर में खेले गए आखिरी वनडे में कुलदीप यादव की मुश्किलें साफ दिखाई दीं। डेरिल मिचेल ने शुरुआत से ही उन पर दबाव बना दिया और 17वें ओवर में पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। इसके बाद कुलदीप का आत्मविश्वास डगमगाता नजर आया और वह आक्रामक गेंदबाजी करने के बजाय बल्लेबाजों के अनुसार गेंद डालते दिखे। मैच के आखिरी ओवरों में हालात और बिगड़ गए, जब 41वें ओवर में मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने उनकी गेंदों पर लगातार बड़े शॉट लगाए। इंदौर की तेज पिच और छोटी बाउंड्री पर कुलदीप बेबस नजर आए और अंत में छह ओवर में 48 रन देकर सिर्फ एक विकेट ही ले सके, जिससे इस सीरीज में उनकी परेशानी और उजागर हो गई।
वर्ल्ड कप से पहले चिंता का विषय
कुलदीप यादव अपनी अलग-अलग वैरिएशन और समझदारी से बल्लेबाजों को खूब परेशान करते हैं। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने में अब तीन हफ्ते से भी कम समय बचा है और ऐसे में उनका मौजूदा फॉर्म भारत के लिए चिंता बढ़ा रहा है। जसप्रीत बुमराह को इस सीरीज में आराम दिए जाने के कारण भारतीय गेंदबाजी पहले ही कमजोर दिख रही थी। कुलदीप की गेंदों की रफ्तार और असर भी कम नजर आया, जिसका फायदा न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने उठाया।
नतीजतन, कुलदीप यादव ने यह सीरीज अपने करियर की सबसे खराब वनडे सीरीज में से एक के रूप में खत्म की, जहां तीन मैचों में उन्होंने 60.66 की औसत और 7.28 की इकॉनमी से सिर्फ़ तीन विकेट ही लिए।