बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा करणों की वजह से भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से मना कर दिया है। वहीं बाग्लांदेश ने पत्र लिखकर आईसीसी से अपने मैच श्रीलंका में करवाने का अनुरोध किया है। आईसीसी ने मैच को शिफ्ट करने से मना कर दिया है। वहीं आईसीसी अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है। भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश के भारत आने पर बनी असमंजस की स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा, जब मानवीय और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सामने हों, तो खेल रिश्तों को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए।
इस विषय पर बोलते हुए तिवारी ने पिछली घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि उनका नजरिया आज भी वही है। उन्होंने कहा, “जब पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था, तो मैंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए। भले ही सरकार ने इसकी इजाजत दी थी, मेरी राय थी और अब भी है कि ऐसे मैच नहीं होने चाहिए।”
क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं ये मामला
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा, ये मामला सिर्फ क्रिकेट या खेल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर किसी भी देश में किसी भारतीय की बेरहमी से हत्या की जाती है, चाहे वह बांग्लादेश हो, इंग्लैंड हो, ऑस्ट्रेलिया हो या कोई और देश तो भारत को उस देश के साथ खेल संबंध नहीं रखने चाहिए।" तिवारी ने आगे कहा “खेलों को ऐसे गंभीर मामलों से नहीं मिलाना चाहिए, लेकिन फिर भी ये मैच होंगे क्योंकि पहले पाकिस्तान के खिलाफ खेलने की इजाजत दी गई थी। हालांकि, मेरी पर्सनल राय बिल्कुल साफ है। उन्हें ये मैच नहीं खेलने चाहिए।”
आईसीसी ने माना सुरक्षा को कोई खतरा नहीं
इससे पहले बांग्लादेश के यूथ और स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने कहा था कि भारत में T20 वर्ल्ड कप खेलने के लिए अनुकूल माहौल नहीं है। उन्होंने ICC की सिक्योरिटी टीम के एक पत्र का हवाला दिया था, जिसकी जानकारी सरकारी न्यूज एजेंसी BSS ने दी थी। लेकिन इसी बीच ICC से जुड़े सूत्रों ने साफ किया कि इंटरनेशनल लेवल के सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स द्वारा किए गए इंडिपेंडेंट रिस्क असेसमेंट में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकला है कि बांग्लादेश भारत में अपने तय T20 वर्ल्ड कप मैच नहीं खेल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, भारत में टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षा जोखिम को कुल मिलाकर कम से मध्यम स्तर का माना गया है, जो दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों जैसा ही है।