भारतीय खिलाड़ी हार्दिक पांड्या अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। हार्दिक पांड्या स्टार खिलाड़ी बैटिंग और बॉलिंग दोनों में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है। वहीं हार्दिक पांड्या पिछले काफी समय से टेस्ट क्रिकेट से दूर हैं। भारत के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने हार्दिक पांड्या से टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने की अपील की है। उथप्पा ने कहा, मौजूदा टीम में पेस ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी भी ज्यादा गेंदबाजी नहीं करते, इसलिए अगर हार्दिक अपनी फिटनेस साबित कर देते हैं तो चयन में कोई बड़ी रुकावट नहीं होनी चाहिए।
हाल के समय में भारत की टीम तेज गेंदबाज ऑलराउंडर ऑप्शनों पर खास फोकस कर रही है। इस रेस में नीतीश कुमार रेड्डी, शार्दुल ठाकुर और कुछ हद तक हर्षित राणा को अहम विकल्प माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में है जो गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे सकें।
उथप्पा ने क्या कहा
अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में रॉबिन उथप्पा ने कहा, "अगर हार्दिक पांड्या टेस्ट क्रिकेट में नंबर 7 पर वापसी करते हैं, तो यह टीम के लिए शानदार होगा। क्रिकेट में कुछ भी मुमकिन है और अगर हार्दिक खुद टेस्ट खेलने और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने की इच्छा जताते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड उन्हें मना नहीं करेगा।"
कितने ओवर बॉलिंग करते हैं नीतीश कुमार
उथप्पा ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि बोर्ड उनसे अपनी फिटनेस साबित करने के लिए कह रहे हैं। क्या ऑलराउंडर 20 ओवर बॉलिंग करते हैं? नीतीश कुमार उतनी बॉलिंग नहीं कर रहे हैं। वह 12 ओवर बॉलिंग कर रहे हैं। अगर हार्दिक से हर पारी में 12–15 ओवर गेंदबाजी करवाई जाए, तो उनकी मौजूदा फिटनेस और फॉर्म को देखते हुए वह ये जिम्मेदारी अच्छे से निभा सकते हैं। ये उनका अपना फैसला है।"
हार्दिक को टेस्ट खेलना चाहिए-उथप्पा
रॉबिन उथप्पा ने हार्दिक पांड्या को “क्रिकेट पूरा करने” का इशारा भी दिया। उन्होंने कहा कि हार्दिक पहले ही कई बड़ी ICC ट्रॉफियां जीत चुके हैं, जिनमें एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप शामिल हैं। उथप्पा के मुताबिक, "अगर हार्दिक ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी जीत लेते हैं, तो यह उनके करियर का पूरा ग्रैंड स्लैम होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी क्रिकेटर अपने देश के लिए ऐसा मुकाम हासिल करना चाहेगा। हार्दिक इस रास्ते का आधा सफर तय कर चुके हैं।"
आखिरी बार टेस्ट मैच कब खेले थे हार्दिक
हार्दिक पांड्या ने आखिरी बार साल 2018 में टेस्ट और फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेला था। उसी साल पीठ की चोट के चलते उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बना ली और अपना पूरा ध्यान व्हाइट-बॉल फॉर्मेट पर लगा दिया। माना गया कि टेस्ट मैचों में लगातार गेंदबाजी करना उनके शरीर पर ज्यादा असर डाल रहा था। यह फैसला सही साबित हुआ और चोटों के बावजूद वह टीम के अहम खिलाड़ी बने रहे।
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