भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी से हो रही है। इस सीरीज में उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की वापसी हुई है। वहीं हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चोट के बाद श्रेयस अय्यर इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को एक खास सलाह दी है। संजय बांगर ने कहा अय्यर को जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। अय्यर को धैर्य के साथ खेलना चाहिए और स्थिति को समझते हुए अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए।
संजय बांगर ने जिओ हॉटस्टार पर कहा, "सबसे बड़ा रिस्क यही होता है कि खिलाड़ी जल्दबाजी में अच्छा करने की कोशिश करने लगे और तुरंत असर छोड़ना चाहे। श्रेयस अय्यर को इसी बात से सावधान रहना चाहिए। हालांकि बांगर ने ये भी माना कि अय्यर ने अच्छी वापसी की है और घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम के लिए शानदार खेल दिखाया है। वह वनडे क्रिकेट को अच्छी तरह समझते हैं और लंबे समय से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं।"
वनडे के बेहतरीन खिलाड़ी हैं अय्यर
बांगर ने आगे कहा, "2023 वर्ल्ड कप में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ अय्यर का दबदबा देखने लायक था और उनकी स्किल्स टीम के लिए काफी फायदेमंद होंगी। पिछली सीरीज में रुतुराज गायकवाड़ को स्पिन खेलने की वजह से नंबर चार पर मौका मिला था, लेकिन अब अय्यर की वापसी के साथ वह जगह फिर उन्हीं के पास होगी और टीम उनकी ताकत का पूरा फायदा उठा पाएगी।"
संजय बांगर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 2-1 से सीरीज हार के बीच वनडे कप्तान के तौर पर शुभमन गिल की शुरुआत आसान नहीं रही। संजय बांगर ने कहा, “अभी शुरुआती दौर है। शुभमन गिल का इंग्लैंड का टेस्ट दौरा काफी अच्छा रहा था, जबकि ऑस्ट्रेलिया में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं। ऐसे में उन्हें अभी बहुत जल्दी आंकना ठीक नहीं होगा। ये एक सीखने की प्रक्रिया है। जैसे-जैसे वह ज्यादा मैचों में कप्तानी करेंगे, वैसे-वैसे बेहतर होते जाएंगे। मैदान पर उन्हें अच्छा सहयोग मिलता है और दबाव के समय कप्तानी के फैसलों में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का भी फायदा मिलता है। आगे चलकर वह जरूर एक अच्छे वनडे कप्तान साबित होंगे।”
श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 25 अक्टूबर को सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान चोट लगी थी। अय्यर को एलेक्स कैरी का कैच पकड़ने की कोशिश में स्प्लीन में गंभीर चोट लग गई थी। इस चोट के कारण अंदरूनी ब्लीडिंग हुई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में उनका एक छोटा ऑपरेशन हुआ और इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित BCCI के CoE में पूरा रिहैब किया, जिसके बाद अब वह मैदान पर वापसी के लिए तैयार हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में खेली शानदार पारी
शुरुआत में इस वनडे सीरीज में श्रेयस अय्यर के खेलने को लेकर संदेह था, क्योंकि खबरें थीं कि चोट के दौरान उनका वजन काफी कम हो गया था। हालांकि बाद में उन्हें BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिटनेस की मंजूरी मिल गई। इसके बाद उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफ़ी में मुंबई क्रिकेट टीम की ओर से जयपुर में खेले गए आखिरी दो लीग मैचों में हिस्सा लेकर अपनी फिटनेस साबित की, जहां उन्होंने 82 और 45 रन की उपयोगी पारियां खेलीं।