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सिर्फ चेन खींचने से कैसे रुकती है ट्रेन, जानें इसके पीछे की टेक्नोलॉजी

भारत में ट्रेन का सफर लगभग सभी ने किया होगा, और सभी ने कोच में एक लाल रंग की चेन लटकती जरूर देखी होगी। यह कोई नॉर्मल चेन नहीं होती, बल्कि एक इमरजेंसी सिस्टम का हिस्सा है, जिसे अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कहा जाता है। जब इस चेन को खींचा जाता है, तो यह ट्रेन को रोक देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह कैसे होता है?

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jul 26, 2025 पर 6:52 PM
सिर्फ चेन खींचने से कैसे रुकती है ट्रेन, जानें इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
सिर्फ चेन खींचने से कैसे रुकती है ट्रेन

भारत में ट्रेन का सफर लगभग सभी ने किया होगा, और सभी ने कोच में एक लाल रंग की चेन लटकती जरूर देखी होगी। यह कोई नॉर्मल चेन नहीं होती, बल्कि एक इमरजेंसी सिस्टम का हिस्सा है, जिसे अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कहा जाता है। जब इस चेन को खींचा जाता है, तो यह ट्रेन को रोक देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चेन खींचने से ट्रेन कैसे रुक जाती है? आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं।

चेन खींचने के बाद क्या होता है?

इमरजेंसी चेन एक मैकेनिकल सिस्टम से जुड़ी होती है, जिसे अलार्म चेन पुलिंग (ACP) सिस्टम कहते हैं। जब कोई यात्री इस चेन को खींचता है, तो एक मैकेनिकल वॉल्व खुल जाता है जो ट्रेन के एयर ब्रेक सिस्टम से जुड़ा होता है। भारतीय रेल की ज्यादातर ट्रेनों में एयर ब्रेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। इसमें सभी कोचों में पाइपलाइन के जरिए लगातार कंप्रेस्ड हवा (Compressed Air) बहती रहती है, जिससे ब्रेक खुले रहते हैं। जैसे ही चेन खींची जाती है, वॉल्व खुलने से पाइप में मौजूद हवा बाहर निकल जाती है। इससे सिस्टम का प्रेशर गिर जाता है, जिसे इमरजेंसी सिग्नल के रूप में पहचाना जाता है।  प्रेशर कम होते ही ब्रेक अपने आप एक्टिव हो जाते हैं और ट्रेन धीरे-धीरे रुक जाती है।

ड्राइवर को कैसे पता चलता है?

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