बेंगलुरु में रहने वाले एक टेक प्रोफेशनल को अपनी 1.8 लाख रुपये की मासिक कमाई और हर महीने 80 हजार रुपये की एसआईपी निवेश की वजह से लगता था कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है। अच्छी नौकरी, नियमित निवेश और शहर में आरामदायक जिंदगी ने उन्हें यह भरोसा दे दिया था कि किसी भी मुश्किल का सामना आसानी से किया जा सकता है। लेकिन परिवार में अचानक आई एक मेडिकल इमरजेंसी ने उनकी इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल ने इलाज शुरू करने से पहले बड़ी रकम जमा करने को कहा।
