विस्कॉन्सिन, अमेरिका के एप्लेटन में स्थित 'फॉक्स वैली टेक्निकल कॉलेज' में 25 मार्च का दिन किसी सामान्य दिन की तरह ही शुरू हुआ था। क्लास में 72 साल के अनुभवी इंस्ट्रक्टर कार्ल अर्प्स अपने छात्रों को इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) बनने की ट्रेनिंग दे रहे थे। उस दिन का विषय था कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) के लक्षणों को पहचानना और सीपीआर (CPR) के जरिए जान बचाना। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। क्लास में जो 'मॉक ड्रिल' (दिखावे का अभ्यास) चल रहा था, वह अचानक एक खौफनाक हकीकत में बदल गया।
