हवा में हुआ जन्म, अब फंसी नागरिकता, किस देश का होगा बच्चा?

Flight citizenship laws: जमैका से न्यूयॉर्क जा रही फ्लाइट में एक महिला ने बीच सफर में बच्चे को जन्म दिया। अब इस नवजात की नागरिकता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या उसे अमेरिका की नागरिकता मिलेगी या जमैका की? इस मुद्दे पर एक्सपर्ट्स ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को समझाते हुए कई अहम बातें सामने रखी हैं

अपडेटेड Apr 11, 2026 पर 12:44 PM
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Flight citizenship laws: नागरिकता को लेकर हर देश का अपना अलग कानून है

हवाई जहाज में गूंजती एक मासूम किलकारी ने खुशी के साथ एक अनोखी कानूनी बहस भी छेड़ दी है। न्यू यॉर्क् जा रही फ्लाइट में एक महिला ने हवा में ही बच्चे को जन्म दिया, और अब ये मामला चर्चा का विषय बन गया है कि इस बच्चे की नागरिकता किस देश की मानी जाएगी। आमतौर पर जन्म स्थान या माता-पिता की नागरिकता के आधार पर फैसला होता है, लेकिन जब जन्म जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में हो, तो नियम थोड़े जटिल हो जाते हैं। यही वजह है कि ये घटना सिर्फ एक खुशखबरी नहीं, बल्कि कानून और इमिग्रेशन से जुड़ी बड़ी पहेली बन गई है। अब सभी की नजर इस पर है कि आखिर इस नवजात की पहचान किस देश से जोड़ी जाएगी

हवा में जन्म, किसका होगा पासपोर्ट?

ये घटना 4 अप्रैल को Caribbean Airlines की फ्लाइट में हुई, जो जमैका से न्यूयॉर्क जा रही थी। लैंडिंग से कुछ मिनट पहले ही बच्चे का जन्म हो गया। अब चर्चा इस बात पर है कि बच्चा अमेरिका का नागरिक बनेगा, जमैका का या फिर किसी भी देश का नहीं।


कानून की उलझन ने बढ़ाई टेंशन

इमिग्रेशन वकील Brad Bernstein के अनुसार, ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि जन्म के समय विमान किस देश के ऊपर था। कुछ मामलों में ऐसा भी हो सकता है कि बच्चा “स्टेटलेस” यानी बिना नागरिकता के रह जाए।

अमेरिका का नियम क्या कहता है?

अमेरिका का ‘राइट ऑफ सॉइल’ कानून कहता है कि अगर कोई व्यक्ति उसकी जमीन या हवाई सीमा में पैदा होता है, तो वो नागरिकता का दावा कर सकता है। वहीं कई देश ‘राइट ऑफ ब्लड’ यानी माता-पिता की नागरिकता के आधार पर पहचान देते हैं।

इमरजेंसी में जन्म, क्रू ने संभाला मोर्चा

जैसे ही महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, क्रू ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। बातचीत के दौरान ही बच्चे का जन्म हो गया। बाद में सुरक्षित लैंडिंग के बाद मां और बच्चे को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई।

आगे क्या होगा?

अब इमिग्रेशन विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि जन्म प्रमाण पत्र में किस देश का नाम दर्ज किया जाए। ऐसे मामलों में फैसला आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय नियम और लोकेशन दोनों अहम भूमिका निभाते हैं।

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