ऊंट को 'रेगिस्तान का जहाज' यूं ही नहीं कहा जाता। ये जानवर बेहद कठिन परिस्थितियों में भी जीने की क्षमता रखता है। तपते रेगिस्तान में जहां पानी की एक बूंद मिलना मुश्किल हो, वहां ऊंट कई-कई दिन बिना पानी और खाना खाए जिंदा रह सकता है। उसकी लंबी टांगें, मोटी चमड़ी और पानी जमा करने की क्षमता उसे रेगिस्तान के लिए उपयुक्त बनाती हैं। इतना ही नहीं, ऊंट एक बार में 100 से 150 लीटर तक पानी पी सकता है और जरूरत पड़ने पर तेज रफ्तार से दौड़ भी सकता है। लेकिन इस शांत और शाकाहारी दिखने वाले जानवर की एक आदत जानकर आप चौंक जाएंगे—ऊंट बीमार होने पर जिंदा और जहरीले सांप को निगल जाता है।
