Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो सूरज और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आने पर होती है। निश्चित अंतराल पर जब ये तीनों आकाशीय पिंड एक सीधी रेखा आ जाते हैं, तब ग्रहण होता है। साल 2026 का पहला ग्रहण 17 फरवरी को हुआ था। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण था, जिसमें दुनिया के कुछ हिस्सों में ‘रिंग ऑफ फायर’ देखने को मिला था। इस जबरदस्त खगोलीय घटना के बाद अब समय है साल के पहले चंद्र ग्रहण का। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण है, लेकिन भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। इस ग्रहण की खासियत ये है कि कल चंद्रमा का उदय ग्रहण के साथ होगा। यानी भारत में चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा।
