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जिसे अपना बेटा समझकर पाला, वह निकला किसी और का! DNA टेस्ट से हुआ बड़ा खुलासा

अमेरिका में 38 साल पुराना एक चौंकाने वाला राज DNA टेस्ट से सामने आया है। दो परिवारों को पता चला कि उनके बेटे जन्म के समय ही बदल गए थे। इस खुलासे ने रिश्तों और यादों को झकझोर दिया। अब परिवारों ने कथित लापरवाही को लेकर अस्पताल के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jul 20, 2026 पर 10:42 AM
जिसे अपना बेटा समझकर पाला, वह निकला किसी और का! DNA टेस्ट से हुआ बड़ा खुलासा
दोनों परिवारों ने यूनिटी मेडिकल सेंटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

अमेरिका से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला लोगों को हैरान कर रहा है, जहां दो परिवारों को करीब चार दशक बाद पता चला कि जिन बच्चों को उन्होंने अपना समझकर पाला, वे जन्म के समय ही आपस में बदल गए थे। एक सामान्य DNA टेस्ट ने 38 साल पुराने इस रहस्य को उजागर कर दिया और परिवारों की पूरी जिंदगी की कहानी बदल गई। इस खुलासे के बाद दोनों परिवारों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला सिर्फ बच्चों की अदला-बदली तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े भावनात्मक नुकसान, खोए हुए रिश्तों और बीते वर्षों की भरपाई को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह घटना जन्म के समय होने वाली लापरवाही और उसकी दूरगामी असर पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई है।

एक DNA रिपोर्ट से सामने आया दशकों पुराना सच

काइल बायलिन और जेरेमी मॉरिसन का जन्म 26 जनवरी 1988 को नॉर्थ डकोटा के ग्राफ्टन स्थित यूनिटी मेडिकल सेंटर में हुआ था। दोनों परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की गलती के कारण नवजात बच्चों की अदला-बदली हो गई और दोनों बच्चे गलत परिवारों के साथ घर चले गए। यह मामला तब सामने आया जब काइल को क्रिसमस पर मिले होम DNA टेस्ट के नतीजों ने उसे एक ऐसे रिश्तेदार से जोड़ दिया, जो उसके परिवार से अलग था। आगे की जांच में पता चला कि वह और जेरेमी एक-दूसरे के जैविक परिवारों में पले-बढ़े थे।

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