आज के समय में युवा वर्ग तेजी से बदलते लाइफस्टाइल और सोशल ट्रेंड्स से आसानी से प्रभावित हो रहा है। अच्छी आदतों के साथ-साथ कई बार गलत चीजें भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाती हैं। सिगरेट के बाद अब ई-सिगरेट यानी वेपिंग युवाओं के बीच एक नए फैशन के तौर पर उभरी है, जिसे कई लोग सुरक्षित विकल्प मान लेते हैं। छोटी-सी डिवाइस से निकलने वाला धुआं भले ही सामान्य लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे खतरे बेहद गंभीर हैं। वेपिंग में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड को गर्म करने पर निकोटीन और कई हानिकारक केमिकल शरीर में प्रवेश करते हैं, जो धीरे-धीरे फेफड़ों और पूरे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं।
