किसान के लिए ज्यादा जमीन का मतलब हमेशा ज्यादा कमाई नहीं होता। कई बार छोटी-सी जमीन पर सही फसल और आधुनिक तकनीक अपनाकर भी आमदनी का बड़ा जरिया तैयार किया जा सकता है। महाराष्ट्र के किसान अर्जुन साबले ने इसी सोच को अपनी मेहनत और प्रयोगों से सच कर दिखाया है। कभी उनके परिवार की खेती गेंदे और गुलदाउदी जैसे पारंपरिक फूलों तक सीमित थी, लेकिन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गिरते दामों ने उन्हें कुछ नया सोचने पर मजबूर किया। खेती की पढ़ाई के दौरान अर्जुन ने पॉलीहाउस में फूलों की खेती देखी और इसी ने उनकी दिशा बदल दी।
