सीक्रेट रूम, अलमारी के भीतर दरवाजे, अंडरग्राउंड रास्ते! ठग रोहन का आलीशान मायावी घर, 500 करोड़ से ज्यादा का कर चुका है घोटाला
मंगलुरु के जप्पिनामोगारू इलाके में ठग रोहन सलदान्हा का ये बंगला न केवल आलीशान और लग्जरी था, बल्कि ये बड़ा सीक्रेट और मायावी भी था। अधिकारियों को यहां सीक्रेट रूम, गुप्त रास्ते और मायावी ठिकानों की एक भूलभुलैया मिली, जिसका इस्तेमाल ये ठग लेनदारों और पुलिस अधिकारियों से बचने में करता था
ठग रोहन का आलीशान मायावी घर, 500 करोड़ से ज्यादा का कर चुका है घोटाला
मंगलुरु में देर रात बड़े ही नाटकीय अंदाज में पुलिस ने एक बड़ी रेड मारी। ये रेड जेपीनामोगारू इलाके में रहने वाले 45 सला के रोहन सलदान्हा नाम के ठग को गिरफ्तार करने के लिए की गई थी। जिसने कथित तौर पर फर्जी लोन और रियल एस्टेट डील के जरिए बड़े बिजनेसमैन और उद्योगपतियों से सैकड़ों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी। पुलिस का कहना है कि घोटाला 500 करोड़ रुपए या इससे भी ज्यादा का हो सकता है। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी और ACP रवीश नायक के नेतृत्व में ये छापेमारी और गिरफ्तारी की। इस दौरान ठग के आलीशान घर के अदंर जो कुछ मिला, वो देख कर भी पुलिस का दिमाग घूम गया।
मंगलुरु के जप्पिनामोगारू इलाके में सलदान्हा का ये बंगला न केवल आलीशान और लग्जरी था, बल्कि ये बड़ा सीक्रेट और मायावी भी था। अधिकारियों को यहां सीक्रेट रूम, गुप्त रास्ते और मायावी ठिकानों की एक भूलभुलैया मिली, जिसका इस्तेमाल ये ठग लेनदारों और पुलिस अधिकारियों से बचने में करता था। क्योंकि ये पूरी स्ट्रक्चर इस तरह के कामों के लिए ही डिजाइन किया गया था।
#WATCH | Karnataka | Police conducted a raid at the residence of fraudster Rohan Saldana and detained him, late last night in Mangaluru pic.twitter.com/Wy02JnRm2W
बेड रूम की दीवारों के अंदर लगे दरवाजे अंडरग्राउंड कॉरिडोर, सीक्रेट सीढ़ियों और अलमारियों के पीछे छिपे कमरों की ओर खुलते थे। इस पूरी प्रॉपर्टी को CCTV की निगरानी और हाई सर्विलांस में रखा गया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को 3-5 लाख रुपए कीमत के दुर्लभ सजावटी पौधे भी मिले, साथ ही विंटेज शैंपेन और विदेशी शराब का एक निजी कलेक्शन भी मिला, जिससे यह पता चलता है कि सल्दान्हा ने एक पावरफुल फाइनेंसर होने का भ्रम पैदा करने के लिए किस तरह की विलासिता का इस्तेमाल किया।
कैसे देता था घोटालों को अंजाम?
सल्दान्हा क्लाइंट, अक्सर अलग-अलग जिलों और राज्यों के उद्योगपतियों और उद्यमियों को अपने बंगले पर इनवाइट करता था, जहां वह खुद को एक हाई लेवल फाइनेंसर की तरह पेश करता था। वह उन्हें 100 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के बड़ा लोन दिलाने की पेशकश करता, अक्सर बेहद ही कम इंटरेस्ट रेट का वादा करता था।
NDTV के अनुसार, उनका विश्वास जीतने के लिए, वो हमेशा एक नकली वकील को उनके सामने पेश करता और उसकी पहचान इलाके के एक बहुत प्रसिद्ध वकील के नाम पर करवाता था। साथ ही डील सही और कानूनी दिखाने के लिए नकली लीगल वैरिफिकेशन की योजना भी बनाई।
इसके बाद पीड़ितों से स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और कानूनी मंजूरी के नाम पर बड़ी एडवांस रकम देने को कहा जाता था। जो कुछ मामलों में 50 लाख रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक थी।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, एक मामले में तो ये रकम 10 करोड़ रुपए थी और पैसा ट्रांसफर होते ही, सल्दान्हा ने सभी संपर्क तोड़ दिए और गायब हो गया।
इंडिया टुडे के अनुसार, उसके एक बैंक अकाउंट में मात्र तीन महीनों में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन दर्ज किया गया, जिससे पता चलता है कि धोखाधड़ी का असली पैमाना अभी के आंकड़ों से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
गायब होने के लिए डिजाइन किया घर
जांचकर्ताओं को असल में इस बात ने चौंका दिया है कि इस आलीशान घर को किस हद तक चोरी-छिपे भागने के लिए डिजाइन किया गया था। इस लेआउट से सल्दान्हा उसके घर पर आने वाले विजिटर्स पर नजर रखता था और उनसे बचने और छिपने के लिए इन सीक्रेट रूम और रास्तों का इस्तेमाल करता था।
अधिकारियों का मानना है कि इन सीक्रेट रास्तों के कारण वह न केवल गुस्साए पीड़ितों से बचता था, बल्कि पहले भी जब उस पर शक हुआ था, तो वह इन्हीं खुफिया रास्तों से कानूनी एजेंसी और अधिकारियों के चंगुल से बच निकला था।
अब तक तीन आधिकारिक मामले दर्ज किए गए हैं, दो मंगलुरु में और एक चित्रदुर्ग में। पुलिस का मानना है कि कई और लोगों के साथ भी धोखाधड़ी हुई होगी, लेकिन वे शर्मिंदगी या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के डर से आगे आने से हिचकिचा रहे हैं।
मंगलुरु सिटी पुलिस ने और भी पीड़ितों से आगे आने की अपील की है। जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या सल्दान्हा के कामों का संबंध बड़े वित्तीय अपराधों से है, जिनमें संभावित मनी लॉन्ड्रिंग भी शामिल है।