NASA Moon mission 2026: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स ऐंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) लगभग 53 साल बाद एक बार फिर चांद की यात्रा की तैयारी कर रहा है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने 6 फरवरी 2026 की तारीख तय की है। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री रवाना होंगे। नासा अधिकारियों ने बताया कि मून मिशन पर जाने वाले आर्टेमिस II यान के लिए आधिकारिक लॉन्च विंडो 31 जनवरी से 14 फरवरी तक खुली रहेगी, और इसके लिए कई वैकल्पिक तारीखें भी चुनी गई हैं।
1972 में पहला मिशन गया था चांद पर
अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि 1972 के बाद चांद पर पहला इंसानी मिशन, आर्टेमिस II, 6 फरवरी को लॉन्च होगा। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कैनेडियन स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन 10 दिन की यात्रा पर जाएंगे।
चांद पर नहीं उतरेगा ये मिशन
चांद की यात्रा पर रवाना होने वाला आर्टेमिस II मिशन चांद की सतह पर नहीं उतरेगा। आर्टेमिस प्रोग्राम में पहली चंद्र लैंडिंग आर्टेमिस III के लिए तय की गई है, जो अभी 2027 में होने की योजना है।
मौसम और चांद की स्थिति देखकर ही लॉन्च होगा मिशन
आर्टेमिस II के लॉन्च का समय सटीक ऑर्बिटल मैकेनिक्स पर निर्भर करेगा। इसमें पृथ्वी और चांद की स्थिती, रॉकेट का प्रदर्शन, और फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च साइट के पास मौसम की स्थिति। चांद पर इनसान के कदम रखने के 53 सालों में आर्टेमिस II पहला ऐसा स्पेस मिशन होगा जिसमें इंसानी क्रू लो अर्थ ऑर्बिट से आगे जाएगा।
फरवरी में लॉन्च नहीं हुआ तो मार्च या अप्रैल में होगा रवाना
7, 8, 10 और 11 फरवरी को संभावित बैकअप लॉन्च तारीखों के रूप में चुना गया है। अगर फरवरी में लॉन्च में कोई रुकावट आती है, तो नासा ने इस मिशन के लिए मार्च और अप्रैल की शुरुआत की तारीखें भी चुनी हैं।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट से रवाना होंगे एस्ट्रोनॉट
6 फरवरी को, अंतरिक्ष यात्री केप कैनावेरल से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में लॉन्च होंगे। इसे नासा के शक्तिशाली स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट सिस्टम द्वारा ले जाया जाएगा। इस ऐतिहासिक घटना के पहले हिस्से का रोलआउट 17 जनवरी को शुरू होने वाला है। पूरी तरह से तैयार एसएलएस रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट को नासा की व्हीकल असेंबली बिल्डिंग से कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B तक 'रोल आउट' किया जाना है।