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पुलिस एकेडमी में लेती रही ट्रेनिंग, वर्दी पहन कर घूमती, फर्जी सब इंस्पेक्टर "मूली देवी" ने कैसे दिया पूरे सिस्टम को चखमा

Rajasthan Fake Sub-Inspector: मोना ने 2021 में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन वह फेल हो गई। इसके बावजूद, उसने “मूली देवी” नाम की फर्जी पहचान बनाई, नकली दस्तावेज तैयार किए और सोशल मीडिया पर यह झूठ फैला दिया कि उसे खेल कोटे से सब-इंस्पेक्टर के रूप में चयनित किया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2025 पर 8:42 PM
पुलिस एकेडमी में लेती रही ट्रेनिंग, वर्दी पहन कर घूमती, फर्जी सब इंस्पेक्टर "मूली देवी" ने कैसे दिया पूरे सिस्टम को चखमा
Rajasthan: फर्जी सब इंस्पेक्टर "मूली देवी" ने कैसे दिया पूरे सिस्टम को चखमा

राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला करीब दो साल तक खुद को फर्जी सब-इंस्पेक्टर बताकर न केवल ट्रेनिंग लेती रही, बल्कि सीनियर अधिकारियों के साथ वर्दी में तस्वीरें खिंचवाती रही और खुद को असली अधिकारी के रूप में पेश करती रही। इस महिला का नाम मोना बुगालिया है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, मोना नागौर जिले के निम्बा के बास गांव की रहने वाली है और उसके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं।

मोना ने 2021 में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन वह फेल हो गई। इसके बावजूद, उसने “मूली देवी” नाम की फर्जी पहचान बनाई, नकली दस्तावेज तैयार किए और सोशल मीडिया पर यह झूठ फैला दिया कि उसे खेल कोटे से सब-इंस्पेक्टर के रूप में चयनित किया गया है। इसके बाद वह राजस्थान पुलिस अकादमी में बतौर ट्रेनी रिपोर्ट करने लगी। इतना ही नहीं, वह सब-इंस्पेक्टर के Whatsapp ग्रुप में भी शामिल हो गई और खुद को पुराने बैच की कैंडिडेट बताने लगी।

करीब दो साल तक मोना पुलिस अकादमी में पूरी वर्दी पहनकर परेड ग्राउंड, ट्रेनिंग सेशंस और आउटडोर ड्रिल्स में शामिल होती रही। वह लगातार सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ तस्वीरें खिंचवाती, सोशल मीडिया पर मोटिवेशनल रील्स डालती, और यहां तक कि सार्वजनिक मंच से भाषण भी देती रही, जिसमें वह युवाओं को करियर के लिए प्रेरित करती थी। इन सभी गतिविधियों के दौरान किसी को भी उसकी असली पहचान पर शक नहीं हुआ।

मोना का भंडाफोड़ तब हुआ जब कुछ ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर्स को उसकी पहचान को लेकर शक हुआ। उन्होंने यह जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी, जिसके बाद एक आंतरिक जांच शुरू की गई। पूछताछ में मोना ने यह कबूल किया कि वह असली भर्ती नहीं थी और यह सब उसने परिवार और समाज में छाप छोड़ने के लिए किया था।

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