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AI के दौर में क्यों याद आएंगे भगवान? Zoho चीफ श्रीधर वेम्बू ने दिया ये बयान!

AI के दौर में धर्म लोगों की जिंदगी में पहले से ज्यादा अहम हो सकता है, यह कहना है जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू का। वह बताते है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इंसान की सोच, विश्वास और पहचान पर भी इसका असर पड़ सकता है।

Roopali Sharmaअपडेटेड Oct 29, 2026 पर 1:28 PM
AI के दौर में क्यों याद आएंगे भगवान? Zoho चीफ श्रीधर वेम्बू ने दिया ये बयान!
AI के बढ़ते दौर में श्रीधर वेम्बू का मानना है कि इंसान को अपनी पहचान और जिंदगी का मकसद समझने के लिए धर्म और आस्था की अहमियत को भी समझना होगा।

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तेजी से दुनिया को बदल रहा है। अब मशीनें भी कई ऐसे काम करने लगी हैं, जिन्हें पहले इंसान ही कर सकते थे। इसी बीच Zoho के को-फाउंडर (Co-founder) श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) का कहना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आने वाले समय में धर्म और आस्था की अहमियत बढ़ सकती है।

वेम्बू के मुताबिक, जब AI इंसानों की तरह सोचने और काम करने लगेगा, तो लोग यह जानना चाहेंगे कि इंसान को मशीनों से अलग क्या बनाता है। उनका मानना है कि इसका जवाब प्रकृति, परवरिश, संस्कृति और धर्म में मिल सकता है। उन्होंने इन बातों को सनातन धर्म से भी जोड़ा है।

आधुनिक समाज में धर्म और आस्था को ना भूले 

श्रीधर वेम्बू का मानना है कि आधुनिक बनने और नई तकनीक अपनाने के साथ धर्म और आस्था को भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि आज लोग आधुनिक तो हो रहे हैं, लेकिन धर्म से दूर होते जा रहे हैं।

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