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कौन हैं सोहम पारेख? कई US स्टार्टअप्स में मूनलाइटिंग का आरोप, कहां से शुरू हुआ विवाद

कहा जा रहा है कि इंटरव्यू के दौरान सोहम, बेहद स्किल्ड और करिश्माई पर्सनैलिटी के मालिक लगे। वह इतने प्रतिभाशाली हैं कि जिस टास्क को करने में अन्य लोगों को 3 घंटे लगते हैं, उसे सोहम एक घंटे में ही खत्म कर सकते हैं। कई फाउंडर्स, इंजीनियरों और हायरिंग मैनेजर्स ने भी पारेख पर निजी फायदे के लिए नौकरी के अवसरों का फायदा उठाने का आरोप लगाया है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 03, 2025 पर 10:21 PM
कौन हैं सोहम पारेख? कई US स्टार्टअप्स में मूनलाइटिंग का आरोप, कहां से शुरू हुआ विवाद
दावा किया गया है कि सोहम पारेख ने एक ही वक्त पर 3 से 4 फर्म्स में काम किया।

एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर सोहम पारेख (Soham Parekh) इस वक्त सुर्खियों में हैं। कहा जा रहा है कि सोहम एक ही वक्त पर कई स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहे थे, यानि कि मूनलाइटिंग। उन पर यह आरोप लगाने वाले हैं एक अमेरिकी कंपनी के को-फाउंडर। सोहम के मामले पर इंटरनेट यूजर्स रिएक्ट भी कर रहे हैं और मीम्स भी शेयर कर रहे हैं। इस मसले ने अमेरिका में सिलिकॉन वैली और भारत की टेक कम्युनिटी में खलबली मचा दी है। सिलिकॉन वैली कई ग्लोबल टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स का ग्लोबल सेंटर है।

विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका की ईवेंट एनालिटिक्स सर्विस कंपनी Mixpanel के को-फाउंडर और एक्स सीईओ सुहैल दोशी ने अपने साथी एंटरप्रेन्योर्स को सोहम पारेख को लेकर चेताया। उन्होंने दावा किया कि पारेख ने एक ही वक्त पर 3 से 4 फर्म्स में काम किया। पारेख YC यानि वाई कॉम्बिनेटर कंपनियों और अन्य कंपनियों को अपना शिकार बना रहे हैं, इसलिए उनसे सावधान रहें। दोशी ने यह भी लिखा कि उन्होंने सोहम को पहले सप्ताह में ही निकाल दिया और धोखा देना बंद करने के लिए कहा। लेकिन एक साल बाद भी सोहम नहीं सुधरे और ऐसा करना बंद नहीं किया।

सीवी हो गया सोशल मीडिया पर शेयर

दोशी यहीं नहीं रुके। उन्होंने X पर पारेख का सीवी शेयर कर दिया और कहा कि इसमें किए गए 90% दावे शायद फर्जी हैं और ज्यादातर लिंक गायब हो गए हैं। सोहम पारेख के सीवी में मेंशन है कि वह मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 2022 में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। आरोपों के बाद पता किया जा रहा है कि इन दावों में कितनी सच्चाई है। उनके सीवी में है कि वह कई टेक स्टार्टअप्स में अलग-अलग रोल्स में काम कर चुके हैं। जिनमें से कई वाई कॉम्बिनेटर के निवेश वाले स्टार्टअप हैं। वाई कॉम्बिनेटर एक स्टार्टअप एक्सेलेरेटर और वेंचर कैपिटल फर्म है। यह शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग और मेंटोरशिप मुहैया कराती है।

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