प्रकृति ने जानवरों को अद्भुत शक्तियों से नवाजा है। कुछ उड़ सकते हैं, कुछ तेज दौड़ने में माहिर हैं, वहीं कुछ के पास जहर या अद्भुत सुरक्षा तंत्र है। इन ताकतों को देखकर इंसान भी दंग रह जाता है। घोड़े भी ऐसे ही चमत्कारिक जीव हैं, जो सिर्फ तेज दौड़ने के लिए ही नहीं जाने जाते, बल्कि उनके कुछ अनोखे रहस्य हैं। क्या आप जानते हैं कि घोड़े सोते समय भी अक्सर खड़े रहते हैं? हां, ये बिलकुल सच है उनके खड़े रहने की क्षमता में सिर्फ फिजिकल शक्ति ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की रणनीति भी छिपी हुई है। खुले मैदानों में शिकारी जानवरों से बचने के लिए उनका शरीर इस तरह से विकसित हुआ कि वे किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत भाग सकें।
बीच-बीच में वे एक पैर को आराम देते हैं, बाकी पैरों पर खड़े रहते हैं। लेकिन गहरी नींद लेने के लिए कभी-कभी लेटकर सोना भी जरूरी होता है। ये प्रकृति का अद्भुत करिश्मा है।
कोरा प्लेटफॉर्म पर हाल ही में किसी ने सवाल किया- “घोड़ा सोता क्यों नहीं है, वो हमेशा खड़ा ही क्यों रहता है?” इस सवाल के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए।
अरविंद व्यास ने कहा कि घोड़े कभी-कभी लेटते भी हैं। वे खुले घास के मैदानों में रहने वाले जीव हैं और उनके शत्रु भेड़िए होते थे। इसलिए उनका शरीर हमेशा तैयार रहता है। यश कुमार ने बताया कि घोड़े के पैर बिल्कुल तने हुए होते हैं, जिससे वे गिरते नहीं हैं।
लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, घोड़े खड़े होकर इसलिए सो सकते हैं क्योंकि ये उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। घोड़े बड़े और भारी जीव हैं। अगर वे पूरी तरह लेटकर सोते तो उठने में वक्त लगता, और शिकारी उनका शिकार कर सकते थे।
घोड़ों के पैरों में हड्डियों और मांसपेशियों की ऐसी व्यवस्था होती है, जिसे स्टे-अपैरेटस कहते हैं। ये उन्हें लंबे समय तक खड़े रहने में मदद करती है। बीच-बीच में घोड़े एक पैर को आराम देते हैं और बाकी पैरों पर खड़े रहते हैं।
दिन में लेटकर गहरी नींद जरूरी
हालांकि घोड़े खड़े होकर सो सकते हैं, लेकिन गहरी नींद लेने के लिए उन्हें दिन में एक बार लेटना जरूरी होता है। बिना गहरी नींद के उनकी सेहत प्रभावित हो सकती है।
घोड़े की ये अद्भुत क्षमता उन्हें शिकारी जीवों से बचाती है और उनकी तेज दौड़ने की क्षमता को बनाए रखती है।